गुड़िया प्रकरण से सीख, यहां खुलेंगे महिला थाने, बजट में हुई घोषणा
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पिछली सरकार के दौरान हुए गुड़िया प्रकरण से खराब हुई छवि को सुधारने की कोशिश इस बजट में दिखी है। यही कारण है कि सरकार ने पुलिस, गृह रक्षक, अग्निशमन और कारागार विभाग के लिए 1430 करोड़ का भारी भरकम बजट रखा है।
चूंकि सत्तारूढ़ भाजपा ने चुनावों से पहले महिला सुरक्षा और प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुधारना प्राथमिकता रखी थी। ऐसे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के पहले बजट में इसकी झलक साफ दिखाई दी।
सरकार ने महिलाओं से होने वाले अपराधों से निपटने की कटिबद्धता को दर्शाते हुए चंबा, सोलन और हमीरपुर में महिला थाना खोलने का एलान किया है। वहीं, परंपरागत तरीके से होने वाली पुलिसिंग को बदलकर पुलिस को नए कलेवर में भी पेश करने की कोशिश की गई है।
फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन प्रणाली के लिए ये प्रावधान
इसके तहत फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन प्रणाली और लाइव स्कैनर खरीदने के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में मौके पर ही जुर्माना वसूलने के लिए ई-चालान प्रणाली को शुरू करने का भी एलान किया।
पुलिस आवासों के लिए 40 करोड़ बजट प्रावधान किया गया है। इसके अलावा छेेड़छाड़ व असामाजिक तत्वों से खुद निपटने के लिए सरकारी स्कूलों में छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई है। वन, खनन और ड्रग माफिया पर अंकुश लगाने का भी बजट में जिक्र किया गया है।