छात्रा हत्याकांड: आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि जांचने के लिए एसआईटी गठित
बताया जा रहा है कि कोराना काल से पहले आरोपी चंडीगढ़ में एक बैंक में काम करता था। इस बैंक में एसआईटी जल्द ही दस्तक देगी। पुलिस के अनुसार पहली बार कोई अपराधी इस तरह का जघन्य अपराध नहीं कर सकता।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अंब में छात्रा हत्याकांड के आरोपी आसिफ मोहम्मद की गिरफ्तारी के बाद अब डीजीपी संजय कुंडू ने चार उच्च स्तरीय अधिकारियों की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया है। यह एसआईटी आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच करेगी। कमांडेंट फर्स्ट आईआरबी बटालियन वनगढ़ विमुक्त रंजन की अध्यक्षता में एसआईटी जांच करेगी। इसमें एसपी साइबर क्राइम रोहित मालपानी, एसपी ऊना अर्जित सेन ठाकुर और एसपी सीआईडी-क्राइम वीरेंद्र कालिया को शामिल किया गया है। एसपी ऊना अर्जित सेन ठाकुर ने बताया कि एसआईटी इस मामले में बारीकी से जांच को आगे बढ़ाएगी।
बताया जा रहा है कि कोराना काल से पहले आरोपी चंडीगढ़ में एक बैंक में काम करता था। इस बैंक में एसआईटी जल्द ही दस्तक देगी। पुलिस के अनुसार पहली बार कोई अपराधी इस तरह का जघन्य अपराध नहीं कर सकता। आरोपी की और अपराधों में भी संलिप्तता होने की आशंका है। इसी की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी संजय कुंडू व डीआईजी सुमेधा द्विवेदी खुद घटनास्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। दोनों अधिकारी आरोपी से खुद पूछताछ कर चुके हैं।
डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि यह मामला गंभीर है। कोई भी मामला हो, उसमें पहले छोटे स्तर पर जांच चलती है। इसमें कई तथ्य छूट जाते हैं। मामले की गंभीरता से पूरी जांच हो, इसके चलते एसआईटी गठित करना जरूरी था। एसआईटी कोर्ट में मामले को ठीक से रखने के लिए इस प्रकरण की जांच का ठीक से दस्तावेजीकरण करेगी।
48 घंटे में आरोपी तक पहुंच गई थी पुलिस
बीते पांच अप्रैल को आरोपी आसिफ मोहम्मद (23) ने गलत नीयत से 15 वर्षीय छात्रा का पेपर कटर से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। 48 घंटे के भीतर पुलिस आरोपी तक पहुंच गई थी। पुलिस का मानना है कि बेरहमी से हत्या के बाद आरोपी सामान्य दिनों की तरह काम कर रहा था। आरोपी के इन्हीं हावभाव के बाद एसआईटी का गठन किया गया है।