चीन सीमा से सटा समदो-कुंजुम सामरिक मार्ग पहली बार फरवरी में बहाल
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सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने पहली बार फरवरी में ही समदो बॉर्डर से कुंजुम दर्रा के साथ लगते तकचा क्षेत्र तक सड़क बहाल कर दी है। जिला मुख्यालय केलांग और कुल्लू-मनाली को जोड़ने वाला दर्रा सर्दी में बर्फबारी से बंद हो जाता है। अब बीआरओ के 108 आरसीसी ने कुंजुम दर्रा बहाली के लिए अपना अभियान तेज कर दिया है। बर्फ हटाकर बीआरओ की मशीनरी कुंजुम दर्रा के समीप पहुंच गई है। समदो से तकचा तक करीब 135 किमी के दायरे से बर्फ हटा दी गई है। मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने बताया कि लाहौल के ग्रांफू की ओर से 25 फरवरी से बर्फ हटाने का काम शुरू कर 15 मार्च तक इस सड़क को बहाल कर दिया जाएगा।
ग्रांफू-कुंजुम-काजा-समदो मार्ग होगा डबललेन, केंद्र ने मंजूर कीं छह डीपीआर
ग्रांफू-कुंजुम-काजा-समदो मार्ग डबललेन करने की कवायद तेज हो गई है। चीन से तनातनी के माहौल के बीच सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस सड़क की अहमियत को देखते हुए केंद्र सरकार ने चीन से सटे 205 किमी लंबे इस मार्ग की लंबित छह डीपीआर को मंजूरी दे दी है। बीआरओ ने काजा से तकचा के बीच लगभग 70 किमी के हिस्से में टारिंग का काम पूरा कर दिया है। सामरिक लिहाज से सेना के लिए यह मार्ग बड़ी भूमिका निभाएगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में करोड़ों रुपये खर्च होंगे। चीन की सीमा से सटे ग्यु और समदो में तैनात सेना और आईटीबीपी के लिए यह मार्ग फायदेमंद होगा। किन्नौर जिला होकर गुजरने वाला हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो जाता है। ऐसे में सेना को सीमा पर रसद और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने में दिक्कतें आती हैं। ग्रांफू-काजा-समदो मार्ग को 64 फीट चौड़ा बनाया जाएगा। वर्तमान में ग्रांफू से कुंजुम दर्रा के बीच करीब 70 किमी का दायरा बेहद खराब होने के कारण इस मार्ग पर वाहनों की औसत गति मात्र 25 किमी प्रति घंटा है।
हालांकि बीआरओ ने इस दायरे में दो पुलों का निर्माण कर बड़ी राहत दी है। बीआरओ के एक अधिकारी ने बताया कि मार्च-अप्रैल से सड़क चौड़ा करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उधर मुद-भावा सड़क को देहरादून से वन विभाग की मंजूरी मिल गई है और 14 करोड़ एनपीए जमा करने के बाद मार्च में सड़क का काम शुरू होगा। सड़क के बनने से शिमला-काजा की दूरी 127 किलोमीटर कम होगी। इससे स्पीति के लोगों को लाभ होगा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।