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मंडी महाशिवरात्रि उत्सव की जलेब में इस बार दिखेंगे राजस्थानी ऊंट
Mon, 01 Mar 2021 01:05 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 01 Mar 2021 01:05 PM IST
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महाशिवरात्रि महोत्सव की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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पुरातन भव्यता और परंपरा को कायम रखने के साथ साथ इस बार स्वर्णिम महाशिवरात्रि उत्सव नए रंग में नजर आएगा। 12 मार्च को मेले के आगाज के दिन निकलने वाली शाही जलेब में पहली बार राजस्थान के ऊंटों को परेड को शामिल किया जा सकता है। हिमाचल परिधानों से सजे ऊंट जलेब में चार चांद लगाएंगे। तो वहीं जलेब में सभी 12 जिलों का लोकनृत्य एक साथ पहली बार होगा।
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रविवार को मंडी के विपाशा सदन में महोत्सव की समीक्षा बैठक में डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर और एडीसी जतिन लाल ने बताया कि महाशिवरात्रि में पहली बार अनाथ, विशेष और निर्धन बालिकाओं का सामूहिक जन्मदिन मनाया जाएगा। बच्चियां फैशन शो के रैंप पर भी नजर आएंगी। बैठक की अध्यक्षता जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने की। उन्होंने वोकल फोर लोकल पर बल देने को कहा और कोविड नियमों की अनुपालना करवाने के सख्त निर्देश दिए।
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12 से 18 मार्च तक मनाया जाएगा महोत्सव
जलशक्ति मंत्री ने बताया कि 12 से 18 मार्च तक मनाए जाने वाले इस महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर करेंगे। वे 12 मार्च को प्रथम जलेब में शामिल होंगे। दूसरी जलेब 15 मार्च को निकाली जाएगी। तीसरी और अंतिम जलेब में 18 मार्च को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय शामिल होंगे।
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216 देवी देवताओं को निमंत्रण
स्वागत समिति के संयोजक सहायक आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि समिति के सभी सदस्य जलेब के उपरांत वापसी में भी राज माधोराय की पालकी के साथ रहेंगे। बड़ा देव कमरूनाग का स्वागत पुल घराट में होगा। 216 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया गया है।