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Himachal News: हिमाचल में फलदार पौधे रोपने की प्रक्रिया रुकी, अभी नहीं पर्याप्त नमी
Tue, 26 Dec 2023 12:37 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 26 Dec 2023 12:37 PM IST
सार
राज्य में स्टोन फ्रूट्स या सेब बागवानी से जुड़े लोग नए पौधरोपण के लिए गड्ढे खुदवाना चाह रहे हैं, मगर ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। इसके लिए जमीन में पर्याप्त मात्रा में नमी नहीं है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में सेब और अन्य फलदार पौधे रोपने की प्रक्रिया रुक गई है। जमीन में पर्याप्त नमी नहीं होने से दिसंबर में जमीन में पौधारोपण के लिए गड्ढे नहीं बनाए जा पा रहे हैं। इससे नवंबर और दिसंबर महीने में भी कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बन गई है। इसके साथ ही बर्फबारी नहीं होने से सेब के पौधों के लिए वांछित चिलिंग ऑवर्स पूरे होने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है।
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इस बार बरसात में खूब वर्षा हुई, मगर इसके विपरीत नवंबर और दिसंबर महीनों में तो मौसम लगभग शुष्क ही चला हुआ है। इससे सर्दियों में होने वाले खेतीबाड़ी और बागवानी से जुड़े कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। राज्य में स्टोन फ्रूट्स या सेब बागवानी से जुड़े लोग नए पौधरोपण के लिए गड्ढे खुदवाना चाह रहे हैं, मगर ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।
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इसके लिए जमीन में पर्याप्त मात्रा में नमी नहीं है। इस वजह से मजदूरों को भी खुदाई का काम नहीं मिल पा रहा है। नर्सरियों से भी पौध की बिक्री नहीं हो पा रही है। फल, सब्जी एवं फूल उत्पादक संघ हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष और संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान का कहना है कि नवंबर और दिसंबर महीने में बारिश नहीं होने से खेतीबाड़ी और बागवानी से जुड़े कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि जहां सेब, नाशपाती के अलावा स्टोन फ्रूट्स के पौधों की नई रोपाई नहीं हो पा रही है, वहीं चिलिंग ऑवर्स पूरे होने की प्रक्रिया भी धीमी हो गई है।