नई खेल नीति: स्टेडियम बनेंगे, खिलाड़ियों पर होगी धनवर्षा, खत्म होगी राजनीति
एक जनवरी 2020 को युवा सेवाएं एवं खेल विभाग ने नई खेल नीति के ड्राफ्ट को अधिसूचित किया था। बीते दो साल से फाइलों में घूम रही नई खेल नीति अब लागू होने की कगार पर पहुंच गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल में आखिरकार 19 साल पुरानी खेल नीति बदलने जा रही है। नई खेल नीति में शामिल हर बिंंदु को लागू किया जाता है तो यह खेल और खिलाड़ियों के दिन बदल देगी। खेल संघों का राज खत्म हो जाएगा। खिलाड़ियों को खेलने के लिए खुला मैदान मिलेगा और इन पर धनवर्षा होगी। नए स्टेडियम भी बनेंगे। प्रदेश में दो माह के भीतर नई खेल नीति लागू हो जाएगी। विधि विभाग ने खेल नीति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब वित्त महकमे की मंजूरी मिलते ही नई नीति को मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वर्ष 2019 से नई खेल नीति बन रही है। एक जनवरी 2020 को युवा सेवाएं एवं खेल विभाग ने नई खेल नीति के ड्राफ्ट को अधिसूचित किया था। बीते दो साल से फाइलों में घूम रही नई खेल नीति अब लागू होने की कगार पर पहुंच गई है।
खिलाड़ियों की डाइट मनी होगी दोगुनी, पुरस्कार की राशि भी बढ़ेगी
नई खेल नीति में खिलाड़ियों की डाइट मनी दोगुनी करने का प्रावधान है। पुरस्कार की राशि में भी बढ़ोतरी की जानी है।
क्या-क्या है नई खेल नीति में
- नई खेल नीति में खेल संघों को मजबूत करने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। एक खेल के लिए एक ही संघ बनाने का इसमें सबसे बड़ा प्रावधान है। निष्क्रिय हुए खेल संघों की मान्यता रद्द करने का भी इसमें व्यवस्था है।
- ओलंपिक, एशियन और कॉमनवेल्थ खेलों के पदक विजेता को पेंशन दी जाएगी। अर्जुन अवार्ड, ध्यानचंद अवार्ड और राजीव गांधी खेल रत्न प्राप्त अवार्डियों को भी पेंशन मिलेगी।
- गांवों से शहरों तक नए स्टेडियम बनाए जाएंगे। स्पोर्ट्स ट्रेनिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए 58 करोड़ का प्रस्ताव है।
- खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में तीन फीसदी आरक्षण देने और एथलीट को घायल होने पर एक लाख का बीमा कवर देने का प्रावधान भी किया गया है।खेल नीति 2020 में कुल्लू को एडवेंचर स्पोर्ट्स, सिरमौर और कांगड़ा को एथलेटिक्स और कबड्डी का हब बनाया जाएगा।
- स्कूलों में फिजिकल एजुकेशन और खेलों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की व्यवस्था है।
- राष्ट्रीय, राज्य, जिला और उपमंडल स्तर के एथलीटों को स्कूल-कॉलेजों की हाजिरी में भी विशेष छूट दी जाएगी।
19 साल पुरानी खेल नीति को बदलेगी सरकार
साल 2001 में प्रदेश की खेल नीति बनाई गई थी। बीते कई वर्षों से नई नीति बनाने के प्रयास जारी रहे। अब जयराम सरकार ने 19 साल बाद खेल नीति तैयार की है। हिमाचल की नई खेल नीति में पहली बार दिव्यांगों की खेलों के साथ साहसिक खेलों को शामिल किया गया है। राज्य अभिमन्यु अवार्ड, राज्य गुरू वशिष्ठ अवार्ड और अवार्ड फॉर दिव्यांग भी शुरू किए जाना प्रस्तावित है।
प्रदेश में बनाएंगे स्पोर्ट्स म्यूजियम और लाइब्रेरी
खेल नीति 2020 में प्रदेश में स्पोर्ट्स म्यूजियम और लाइब्रेरी भी बनाई जाएगी। भाषा एवं संस्कृति और पर्यटन विभाग के साथ मिलकर स्पोर्ट्स म्यूजियम बनाया जाएगा। इसमें खेल गतिविधियों से जुड़े प्रदेश के इतिहास, बेहतरीन खिलाड़ियों की जानकारी मुहैया करवाई जाएगी। स्पोर्ट्स लाइब्रेरी में खेल से जुड़ी अलग-अलग तरह की लिखित सामग्री और ओलंपिक स्पोर्ट्स की किताबें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
साइना नेहवाल सकोह में बनाएंगी बैडमिंटन अकादमी
इंटरनेशनल बैडमिंटन अकादमी के लिए बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को कांगड़ा जिले के सकोह के पास भूमि दी जाएगी। साइना नेहवाल ने अकादमी बनाने के लिए सरकार के पास आवेदन किया है। अकादमी के बनने से प्रदेश के खिलाड़ियों को बैडमिंटन में प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।