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चंबा की शिल्पी मस्तो देवी कमला देवी चट्टोपाध्याय, मार्तंड पुरस्कार से सम्मानित
Mon, 23 Nov 2020 10:27 AM IST
अरविन्द ठाकुर
सुभाष कुमार अग्निहोत्री, अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
सुभाष कुमार अग्निहोत्री, अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 23 Nov 2020 10:27 AM IST
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मस्तो देवी
- फोटो : अमर उजाला
खादी कोटन के कपड़े पर रेशमी, सिलक और नेचुरल कॉर्टन धागे से चंबा रुमाल का निर्माण करने में महारत रखने वाली हरिपुर के सिद्धपुरा निवासी शिल्पी मस्तो देवी को कमला देवी चट्टोपाध्याय और मार्तंड पुरस्कार से नवाजा गया है। इंटेक संस्था और क्राफ्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने चंबा रुमाल में बेहतरीन योगदान देने, युवतियों को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रशिक्षित करने और लुप्त हो रही चंबा रुमाल की कला को जीवित रखने के लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया।
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सम्मान स्वरूप मस्तो देवी को एक लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र के अलावा दस हजार की पुरस्कार राशि, मेडल और प्रशस्ति पत्र से नवाजा गया है। चंबा रुमाल की कला को जीवित रखने वाले शिल्पियों को समय-समय पर भारत सरकार के शिल्प काउंसिल की ओर से सम्मानित किया जाता है। शिल्पी मस्तो देवी को दिल्ली की संस्था चारू में काम करते हुए चंबा के पारंपरिक चंबा रुमाल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में दिए गए योगदान के लिए यह सम्मान मिला है।
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शिल्पी मस्तो देवी के मुताबिक चंबा रुमाल में कढ़ाई का कार्य कर युवतियां अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ कर सकती हैं। इससे वे आत्मनिर्भर भी बन सकती हैं। शिल्पी मस्तो देवी के परिवार में एक बेटा, दो बेटियां, बहू और पोती हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के चलते उन्हें यह सम्मान ऑनलाइन दिया गया है।
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