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चीन को ऊंची कीमतों पर कागज बेच रहीं देश की मिलें, गत्ता उद्योग संकट में
Mon, 21 Dec 2020 07:05 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, बद्दी (सोलन)
अमर उजाला नेटवर्क, बद्दी (सोलन)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 21 Dec 2020 07:05 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल में गत्ता पैकिंग उद्योग पर कच्चे माल का संकट खड़ा हो गया है। देश भर की पेपर मिलें चीन को अपना पेपर ऊंची कीमत पर बेच रही हैं। इससे यहां पर गत्ता संचालकों को अपना कारोबार बंद करने की नौबत आ गई है।
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यूपी के पैकेजिंग उद्योग दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में पेपर मिलों की मनमानी के चलते अपने उद्योग बंद करने जा रहे हैं, ऐेसे में अगर हिमाचल में गत्ता उद्योगों की हालत नहीं सुधरी तो सभी उद्योग यूपी के उद्योगों के समर्थन मेे उतर जाएंगे और सात दिन तक अपने उद्योग बंद रखेंगे। हिमाचल के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा के संचालकों ने इस बंद में साथ देने की बात कही है।
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गत्ता उद्योग के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बाद भारतीय उत्पादन इकाइयों ने पड़ोसी देश चीन से कारोबारी संबंध खत्म कर लिए हैं। चीन घबराया हुआ है और इसी घबराहट से वह लगातार भारतीय इकाइयों को प्रभावित करने की प्रयास कर रहा है।
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इसके लिए भारत की इकाइयों में उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल का संकट पैदा करने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। पैकेजिंग उद्योगों को कच्चा माल न मिलने से वह बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। केंद्र सरकार इस निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए।
हिमाचल के पूर्व अध्यक्ष गगन कपूर ने कहा कि हिमाचल के बड़े उद्योग छोटे उद्योगों का साथ न देकर उन्हें डूबने पर छोड़ रहे हैं और अपना कच्चा माल चीन को सप्लाई कर तिजोरियां भर रहा है। बड़े उद्योगों को चाहिए की नैतिकता के आधार अपने छोटे उद्योगों को जिंदा रखे, साथ ही केंद्र को चाहिए कि इस निर्यात पर पूर्ण पाबंदी लगाई जाए।
देश की खपत पूरी होने के बाद ही बाहर माल सप्लाई किया जाएगा। पिछले बीस दिनों में दस रुपये तक पेपर के दाम बढ़ गए हैं। गत्ता उद्योग जिन उद्योगों में अपनी सप्लाई दे रहे हैं। वहां उनके रेट बिल्कुल भी नहीं बढ़ रहे हैं। उल्टा कोरोना के चलते उनकी जो पमेंट 90 दिन में मिल रही थी अब 120 दिनों में मिल रही है।