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Success Story: हमीरपुर के अंशुमन बने फाइटर जेट पायलट, पश्चिम बंगाल में हुई पोस्टिंग
Sat, 25 Jun 2022 06:30 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 25 Jun 2022 06:30 PM IST
सार
अंशुमन ने 2018 में पहले ही प्रयास में एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण की। तीन साल पूना में कंबाइन ट्रेनिंग और फिर हैदराबाद में एक साल पायलट की ट्रेनिंग करने के बाद 18 जून को पास आउट हो गए।
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अंशुमन ढटवालिया पिता के साथ।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जिला हमीरपुर के 22 वर्षीय अंशुमन ढटवालिया फाइटर जेट पायलट बन गए हैं। अंशुमन का जन्म पांच नवंबर, 2000 को उत्तम ढटवालिया और सुषमा कुमारी के घर हुआ। वर्ष 2018 में एनडीए में चयन होने के बाद तीन साल पूना में कंबाइन ट्रेनिंग और फिर हैदराबाद में एक साल पायलट की ट्रेनिंग करने के बाद अंशुमन 18 जून को पास आउट हो गए। अंशुमन की पहली तैनाती पश्चिम बंगाल में हुई है।
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बता दें कि एयर फोर्स में तीन तरह के पायलट होते हैं। इनमें सर्वप्रथम फाइटर जेट, दूसरे नंबर पर ट्रांसपोर्ट वाले और तीसरे नंबर पर हेलिकॉप्टर के पायलट आते हैं। पैतृक गांव बड़सर और मौजूदा समय में अणुकलां के रहने वाले अंशुमन की शिक्षा प्राथमिक शिक्षा आंध्रप्रदेश के पुट्टापर्ति में हुई थी। उसके बाद डीएवी सलासी हमीरपुर से आठवीं तक की पढ़ाई की। यहां कराटे में नेशनल चैंपियन भी रहे। आठवीं के बाद 12वीं तक पढ़ाई सैनिक स्कूल सुजानपुर से पूरी की।
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2018 में पहले ही प्रयास में एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण की। अंशुमन के पिता उत्तम ढटवालिया बीबीएन कॉलेज में असिस्टेंट लाइब्रेरियन हैं, जबकि माता सुषमा कुमारी का वर्ष 2021 में एक कार दुर्घटना में निधन हो गया था। वह स्कूल कैडर में इतिहास की प्रवक्ता थीं। अंशुमन की एक बहन आंध्र प्रदेश के अपोलो मेडिकल कॉलेज चित्तूर में एमबीबीएस कर रही हैं। अंशुमन ने कहा कि माता-पिता और शिक्षकों के आशीर्वाद से वह इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं।
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