डलहौजी में 11 माह की बच्ची, शिमला में 99 साल की बुजुर्ग से हारा कोरोना
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में 11 माह की बच्ची और शिमला में 99 साल की बुजुर्ग महिला ने कोरोना से जंग जीत ली है। एसएमओ डॉ. बिपिन ठाकुर ने बताया कि दिल में छेद के कारण संक्रमित बच्ची को सांस लेने में भी दिक्कत आ रही थी, लेकिन डॉक्टरों ने बेहतर इलाज कर बच्ची को ठीक कर दिया।
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हिमाचल प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में नए पॉजिटिव मरीजों की जहां संख्या कम आने लगी है, वहीं कोरोना को मात देने वालों की भी संख्या बढ़ने लगी है। चंबा जिले के डीसीएचसी डलहौजी में पॉजिटिव आ चुकी एक 11 माह की बच्ची ने कोरोना को मात दे दी, वहीं शिमला जिले में कोटखाई की 99 वर्षीय सुवदा देवी और उनकी 59 वर्षीय बेटी ने भी कोरोना से जंग जीत ली। दोनों महिलाएं रिपन अस्पताल शिमला में उपचाराधीन थीं। उधर, मंडी जिले के धर्मपुर में ब्रिटिश आर्मी में सैनिक रहे स्व. हीरा सिंह की 93 वर्षीय पत्नी रोशनी देवी होम आइसोलेशन में कारोना से जंग जीतकर स्वस्थ हो चुकी हैं।
स्वस्थ हो चुकी रोशनी देवी ने बताया कि अगर महामारी को हराना है तो कोरोना के भय को खुद पर हावी न होने दें। कोटखाई की बुजुर्ग महिला 29 अप्रैल को पॉजिटिव आई थी। वह अपनी बेटी के घर में रह रही थी। इस दौरान बेटी भी संक्रमित हो गई। रिपन अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र मोक्टा ने बताया कि 17 दिन तक उपचार के बाद दोनों मां-बेटी स्वस्थ होकर घर चली गईं।
उधर, चंबा जिले के भुनाड क्षेत्र की 11 माह की जिस बच्ची ने कोरोना को मात दी, उसके दिल में छेद भी है। पॉजिटिव आने के बाद 15 मई को उसे डीसीएचसी डलहौजी में भर्ती किया गया था। एसएमओ डॉ. बिपिन ठाकुर ने बताया कि दिल में छेद के कारण संक्रमित बच्ची को सांस लेने में भी दिक्कत आ रही थी, लेकिन डॉक्टरों ने बेहतर इलाज कर बच्ची को ठीक कर दिया। अभी बच्ची की कोरोना पॉजिटिव मां का इलाज चल रहा है।
उधर, मंडी जिले के धर्मपुर में ब्रिटिश आर्मी में सैनिक रहे स्व. हीरा सिंह की 93 वर्षीय पत्नी रोशनी देवी होम आइसोलेशन में कारोना से जंग जीतकर स्वस्थ हो चुकी है। 20 दिन पहले रोशनी देवी अपने दो बेटों 62 वर्षीय दिव्यांग ओमा दत्त भरमोरिया और 57 वर्षीय अमृत लाल के साथ पाजिटिव आई थी। होम आइसोलेशन में रहकर उन्होंने दवाई नियमित ली और चिकित्सकों के संपर्क में रहीं।