Himachal News: शहरी क्षेत्रों में आपसी सहमति से नहीं हो सकेंगे शिक्षकों के तबादले, जानें क्या है वजह
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों के म्यूचुअल तबादलाें पर रोक लगाई जाएगी। नए शैक्षणिक सत्र से पहले शिक्षकों के तबादलों में सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है।
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हिमाचल प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों के आपसी सहमति से तबादलाें पर रोक लगाई जाएगी। नए शैक्षणिक सत्र से पहले शिक्षकों के तबादलों में सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। शिक्षा विभाग ने इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर लिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में दो शिक्षक आपस में तबादला करवा सकेंगे। इन क्षेत्रों के लिए म्यूचुअल तबादलों पर रोक नहीं होगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। तबादलों की बहुत अधिक संख्या होने के चलते यह फैसला लिया गया है।
म्यूचुअल आधार पर दो शिक्षक एक-दूसरे के स्थान पर तबादला करवा लेते हैं। तीन साल का कार्यकाल पूरा होते ही सरकार उन्हें बदले, वह इससे पहले ही पसंदीदा स्कूल चुन लेते हैं। इस प्रथा के चलते कई शिक्षक लंबे अरसे से दो-तीन स्कूलों में ही सेवाएं दे रहे हैं। जिला मुख्यालयों से सटे स्कूलों में इस प्रकार के मामले अधिक हैं। म्यूचुअल तबादलों के चलते इन स्कूलों में अन्य शिक्षकों को सेवाएं देने का मौका नहीं मिल पाता है। ऐसे में सरकार ने फैसला लिया है कि शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में आपसी सहमति से होने वाले तबादले नहीं किए जाएंगे।
पहले अप्रैल से हटेगा तबादलों पर प्रतिबंध
उधर, प्रदेश में लगभग 80 हजार शिक्षकों के तबादलों पर पहली अप्रैल 2025 को प्रतिबंध हटेगा। सरकार केवल उन्हीं शिक्षकों के तबादले करेगी, जिनका कार्यकाल तीन वर्ष व इससे अधिक का हो गया होगा। इसमें भी बहुत अधिक आवश्यकता वाले मामलों को ही प्राथमिकता मिलेगी। शिक्षकों का सामान्य तबादला आसानी से नहीं होगा। शिक्षा विभाग स्कूलों में तैनात शिक्षकों की संख्या के आधार पर ही तबादले का निर्णय लेगा। विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए पूरी स्थिति का जायजा लेने के बाद ही तबादला आदेश जारी किए जाएंगे। एक बार तबादला हो जाने के बाद शिक्षकों को तय समय में नियुक्ति देनी होगी। इसके बाद दोबारा तबादलों पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।