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स्टाफ की खोजबीन के लिए खूब माथापच्ची कर रहे मंत्री, यहां जानिए पूरा मामला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Updated Mon, 22 Jan 2018 01:24 PM IST
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स्टाफ की खोजबीन में आजकल चार मंत्री खूब माथापच्ची कर रहे हैं। इनके कार्यालयों में निजी सचिवों और सहायकों के दो से तीन पद रिक्त रखे गए हैं। बताते हैं कि ऐसे कर्मचारियों को ढूंढा जा रहा है, जिनका कनेक्शन आरएसएस, एबीवीपी आदि से रहा है।
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सरकार बने हुए एक महीना होने लगा है। बावजूद इसके मंत्रियों के कार्यालयों के साथ कई कुर्सियां खाली पड़ी हैं। शिमला संसदीय क्षेत्र से संबंधित एक मंत्री के कार्यालय में एक निजी सचिव की नियुक्ति कर ली गई है।
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ये निजी सचिव पूर्व वीरभद्र सरकार में मुख्यमंत्री के साथ भी नियुक्त रहे हैं, मगर मंत्री के कार्यालय में तीन पद एक अनुभाग अधिकारी, एक निजी सचिव और एक सहायक का खाली रखा गया है।
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कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से संबंधित एक मंत्री के पास एक निजी सचिव नियुक्त कर लिया गया है, मगर एक अन्य निजी सचिव का पद खाली रखा गया है। दो क्लर्कों को भी नियुक्त किया जाना है। मंडी संसदीय क्षेत्र से संबंधित एक मंत्री के दफ्तर में एक निजी सचिव की नियुक्ति की गई है।
एक अन्य निजी सचिव को नियुक्त किया जाना है। दो क्लर्कों के पद भी रिक्त हैं। इसी संसदीय क्षेत्र से संबंधित एक अन्य मंत्री के कार्यालय में निजी सचिव की नियुक्ति कर ली गई है। ये निजी सचिव भी पूर्व वीरभद्र सरकार में मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर एक उनके मंत्रियों के साथ भी काम कर चुके हैं।
इन मंत्री के दफ्तर में भी एक अन्य निजी सचिव का पद रिक्त रखा गया है। सूत्रों की मानें तो सचिवालय सेवा के कई अधिकारी अपनी आरएसएस, एबीवीपी या अन्य संगठनों की पृष्ठभूमियों केे परिचय पत्र तक लाकर मंत्रियों के पास अपने लिए लॉबिंग में जुटे हैं।
कई बाहर से भी अपनी सिफारिशें करवा रहे हैं। बावजूद इसके इन मंत्रियों ने पद खाली रखे हैं। वे किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाह रहे हैं। सचिवालय में संबंधित अधिकारी ने बताया कि मंत्रियों से संस्तुति मिलने के बाद ये नियुक्तियां जल्दी कर दी जाएंगी।
एक अन्य निजी सचिव को नियुक्त किया जाना है। दो क्लर्कों के पद भी रिक्त हैं। इसी संसदीय क्षेत्र से संबंधित एक अन्य मंत्री के कार्यालय में निजी सचिव की नियुक्ति कर ली गई है। ये निजी सचिव भी पूर्व वीरभद्र सरकार में मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर एक उनके मंत्रियों के साथ भी काम कर चुके हैं।
इन मंत्री के दफ्तर में भी एक अन्य निजी सचिव का पद रिक्त रखा गया है। सूत्रों की मानें तो सचिवालय सेवा के कई अधिकारी अपनी आरएसएस, एबीवीपी या अन्य संगठनों की पृष्ठभूमियों केे परिचय पत्र तक लाकर मंत्रियों के पास अपने लिए लॉबिंग में जुटे हैं।
कई बाहर से भी अपनी सिफारिशें करवा रहे हैं। बावजूद इसके इन मंत्रियों ने पद खाली रखे हैं। वे किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाह रहे हैं। सचिवालय में संबंधित अधिकारी ने बताया कि मंत्रियों से संस्तुति मिलने के बाद ये नियुक्तियां जल्दी कर दी जाएंगी।