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हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: सीएम सुक्खू बोले- MBBS सीटों में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने पर जनगणना के बाद होगा फैसला
Tue, 01 Sep 2026 04:16 PM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 01 Sep 2026 04:16 PM IST
सार
हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में एमबीबीएस सीटों और सरकारी सेवाओं में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने का मुद्दा उठा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जनगणना से जुड़े जातिगत आंकड़ों और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बाद आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाएगी। भाजपा विधायक सुखराम चौधरी ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 610 एमबीबीएस सीटों में केवल 14 सीटें ओबीसी के लिए होने का मुद्दा उठाते हुए 18 फीसदी आरक्षण की मांग की। पढ़ें पूरी खबर...
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सदन में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मानसून सत्र में मंगलवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को सरकारी नौकरियों, प्रशिक्षण संस्थानों और मेडिकल शिक्षा में आरक्षण का मुद्दा जोरदार ढंग से गूंजा। भाजपा विधायक सुखराम चौधरी द्वारा उठाए गए सवाल पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने इस विषय पर कोई ठोस पहल क्यों नहीं की और अब राजनीतिक लाभ के लिए यह मुद्दा उठा रहे हैं।
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प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि ओबीसी वर्ग के कल्याण के लिए कांग्रेस ने हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। वर्तमान सरकार ओबीसी वर्ग की भावनाओं और हितों को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में ओबीसी आयोग का गठन किया गया है, जो विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रहा है और अपनी सिफारिशों पर काम कर रहा है। सुक्खू ने सदन में स्पष्ट किया कि आरक्षण से जुड़े किसी भी निर्णय में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने कुल आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं रखने के निर्देश दिए हैं, इसलिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिया जा सकता है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जनसंख्या संबंधी जाति आंकड़ों और प्रक्रिया के पूरा होने के बाद सरकार आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करेगी और ओबीसी वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित फैसला लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार सामाजिक न्याय और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पूर्व भाजपा विधायक सुखराम चौधरी ने सरकार से ओबीसी वर्ग को विभिन्न विभागों में दिए जा रहे आरक्षण का ब्योरा मांगा। उन्होंने एमबीबीएस सीटों में ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार के जवाब का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 610 एमबीबीएस सीटों में से केवल 14 सीटें ही ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं, जो इस वर्ग के साथ भद्दा मजाक है।
चौधरी ने कहा कि हिमाचल में ओबीसी आबादी लगभग 24 प्रतिशत है और इस वर्ग में कई जातियां शामिल हैं। ऐसे में मेडिकल शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में आरक्षण का वर्तमान स्वरूप पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से एमबीबीएस में ओबीसी के लिए 18 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने और अन्य सेवाओं में भी आरक्षण व्यवस्था का युक्तिकरण करने की मांग की।
चौधरी ने कहा कि हिमाचल में ओबीसी आबादी लगभग 24 प्रतिशत है और इस वर्ग में कई जातियां शामिल हैं। ऐसे में मेडिकल शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में आरक्षण का वर्तमान स्वरूप पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से एमबीबीएस में ओबीसी के लिए 18 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने और अन्य सेवाओं में भी आरक्षण व्यवस्था का युक्तिकरण करने की मांग की।