भूस्खलन से नदी बनी झील, कई परिवार बेघर
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मंडी जिला के उत्तरशाल के कमांद क्षेत्र से एक किलोमीटर दूर बरनाला में मंगलवार रात पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ। इससे ऊहल नदी का बहाव रुक गया और 500 मीटर लंबी झील बन गई। नदी से सटे लोगों ने पूरी रात जागकर गुजारी।
बुधवार सुबह प्रशासन ने खतरे को भांपते हुए कमांद क्षेत्र के 25 घर खाली करवा दिए हैं। प्रभावित परिवारों को सीनियर सेकेंडरी स्कूल व आईआईटी कमांद में ठहरने की व्यवस्था की है।
प्रत्यक्षदर्शी सिल्ह गांव के चंदन सिंह ने बताया कि मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे पहाड़ी से भूस्खलन और पत्थर गिरने की आवाजें सुनाई दीं। मौके पर जाकर देखा तो नदी का बहाव पूरी तरह से रुका हुआ है।
चंदन ने बताया कि इसकी सूचना कमांद गांव के लोगों को दी और अलर्ट रहने को कहा गया। कमांद पंचायत प्रधान मोहम्मद अली ने बताया कि पहाड़ी से भूस्खलन जारी है, जिससे नदी का बहाव पूरी तरह से रुकने का खतरा बना हुआ है।
जागकर बिताई पूरी रात
उन्होंने बताया कि कमांद गांव में नदी के तटीय क्षेत्रों में बसे लोगों ने घरों से बाहर निकलकर पूरी रात जाग कर बिताई। ऊहल नदी पर भूस्खलन के कारण बहाव रुकने से 500 मीटर तक झील बन गई।
बुधवार को तहसीलदार अजय पराशर, हलका पटवारी मणी चंद, कमांद के पटवारी संजय पठानिया, कमांद के प्रधान मोहम्मद अली और कटिंडी की प्रधान गिरिजा देवी ने मौके पहुंच कर जायजा लिया।
बुधवार दोपहर तक नदी का पानी एक तरफ से निकलने लगा था। लेकिन पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। पहाड़ी में दरारें पड़ी हुई हैं। तहसीलदार सदर अजय पराशर ने बताया कि 25 परिवारों से मकान खाली करवा कर उनके ठहरने की व्यवस्था सीनियर सेकेंडरी स्कूल व आईआईटी कमांद में की जा रही है।