पड़ोसी राज्यों के सहारे चल रही सुरक्षा!
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चुनावों के दौरान हमारी पुलिस का सूचना तंत्र पड़ोसी राज्यों से लिए उपकरणों के सहारे मजबूत होगा। हिमाचल पुलिस के पास सूचना तंत्र को मजबूत और प्रभावी रूप से संचालन के लिए पर्याप्त उपकरण उपलब्ध नहीं है।
राज्य पुलिस के पास इस समय मात्र चार सेटेलाइट फोन हैं। जबकि आवश्यकता एक दर्जन सेटेलाइट फोन की है। चुनाव के मद्देनजर 7 सेटेलाइट फोन पड़ोसी राज्यों से मंगवाए गए हैं।
जो किन्नौर जिला के पूह, मूरंग और सांगला के अलावा लाहौल स्पीति के समदू और सरचू में सूचना के आदान प्रदान के लिए लगाए जाएंगे। इसके अलावा चंबा के पांगी और पुर्थी में लगाए जाएंगे। ये सेटेलाइट फोन हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से लाए गए हैं। प्रदेश के चार सेटेलाइट फोन केलांग, काजा, पुलिस मुख्यालय और सचिवालय में लगे हुए हैं।
चुनाव के समय भी दूसरों पर निर्भर
पुलिस जवानों को आपात स्थिति से निपटने और कानून व्यवस्था नियंत्रित रखने के लिए हजारों की संख्या में वायरलेस सैट भी दिल्ली से मंगवाए गए हैं। करीब तीन हजार वायरलेस सैट अन्य राज्यों से मंगवाकर इस्तेमाल किए जाएंगे।
इसके अलावा 45 कंपनियां भी पड़ोसी राज्यों से आएगी। जो 7 मई को होने वाले मतदान के दौरान विभिन्न जगहों पर तैनात होगी। हरियाणा से होमगार्ड की दो अतिरिक्त बटालियनों को बुलाया गया है।
केंद्रीय पुलिस सुरक्षा बलों सहित चुनाव ड्यूटी पर 22 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे। आईजी लॉ एंड आर्डर एवं नोडल ऑफिसर चुनाव एसपी सिंह ने बताया कि चुनावों के सूचनातंत्र को मजबूत बनाने के लिए चुनाव आयोग से 7 सेटेलाइट फोन मांगे गए थे। मतदान के दिन सूचना के आदान प्रदान में किसी तरह का विलंब न आए इसके लिए अन्य राज्यों से उपकरण लाए जाते हैं।