पढ़िए, सरकार की वो रिपोर्ट जिसे देख जज भी हैरान हुए
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हिमाचल में सड़क हादसों पर सरकार की रिपोर्ट से हाईकोर्ट भी हैरान है। रिपोर्ट में कहा गया था कि नई सड़कें और उनकी देखरेख किसी अधिनियम के तहत नहीं आतीं।
बुधवार को प्रदेश भर में वाहन दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर प्रदेश के मुख्य सचिव के अलावा परिवहन सचिव और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने अपना-अपना पक्ष हाईकोर्ट के समक्ष रखा।
अदालत ने रिपोर्ट का अवलोकन करने के पश्चात कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस मामले में कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। सड़कों के रखरखाव का दायित्व सरकार का है, लेकिन अदालत ने आयुक्त परिवहन की रिपोर्ट के अवलोकन के पश्चात हैरानी जताई, जिसमें कहा गया था कि नई सड़कें और उनकी देखरेख किसी अधिनियम के तहत नहीं आतीं।
इस साल 557 लोगों की मौत
अदालत ने परिवहन निदेशक और लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ को आगामी जनवरी में अदालत के समक्ष उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि प्रदेश भर में वाहन दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या के मामले में सोलन निवासी अजय और अन्यों द्वारा दायर की गई याचिका को अदालत ने गंभीरता से लिया है।
अदालत को बताया गया कि इस वर्ष 557 लोगों की मृत्यु वाहन दुर्घटनाओं में हुई है। 2612 लोग घायल हुए। अदालत को बताया गया कि एचआरटीसी में 2000 बसों को चलाने के लिए 3100 चालक रखे हैं, जो कम हैं। इसी तरह निजी क्षेत्र में चल रही बसें भी नियमों को ताक पर रखकर चलाई जा रही हैं