हिमाचल हाईकोर्ट ने तलब किए मुख्य सचिव समेत छह अधिकारी
अधवानी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानदंडों के उल्लंघन कर स्टोन क्रशर स्थापित करने के मामले में मुख्य सचिव व वन सचिव सहित छह प्रशासनिक अधिकारियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाबतलब किया है। इनमें सदस्य सचिव राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, प्रधान मुख्य वन संरक्षक हॉफ, कांगड़ा के उपायुक्त और उपमंडल मजिस्ट्रेट ज्वालामुखी शामिल हैं।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ज्वालामुखी के अधवानी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानदंडों के उल्लंघन कर स्टोन क्रशर स्थापित करने के मामले में मुख्य सचिव व वन सचिव सहित छह प्रशासनिक अधिकारियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाबतलब किया है। इनमें सदस्य सचिव राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, प्रधान मुख्य वन संरक्षक हॉफ, कांगड़ा के उपायुक्त और उपमंडल मजिस्ट्रेट ज्वालामुखी शामिल हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलीमठ व न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने अधवानी के निवासियों की ओर से मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र पर स्वत: संज्ञान लेने वाली याचिका पर यह आदेश पारित किए।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि ज्ञान चंद नाम की फर्म ग्रामीणों के विरोध के बावजूद गांव में स्टोन क्रशर स्थापित कर रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानदंडों का पालन किए बिना इसे जबरन स्थापित कर रही है। लोगों का कहना है कि वहां उनके घर हैं और खेती की जमीन और मवेशियों के लिए चरने की जमीन भी है। स्टोन क्रशर स्थापित होने से पैदा होने वाली धूल और प्रदूषण से सभी क्षेत्रीय लोगों को नुकसान पहुंचेगा। आरोप लगाया है कि नियमों का उल्लंघन कर स्टोन क्रशर लगाया जा रहा है। इसकी दूरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 1000 मीटर से कम और बावड़ी से 100 मीटर से भी कम है। गांव की आबादी से 500 मीटर की दूरी के भीतर क्रशर लगाया जा रहा है।