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हिमाचल: मुख्य सचिव के सेवा विस्तार मामले में हाईकोर्ट ने रिकाॅर्ड किया तलब, 3 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
Thu, 14 Aug 2025 10:47 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 14 Aug 2025 10:47 AM IST
सार
उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को छह महीने का सेवा विस्तार देने के औचित्य की जांच के लिए केंद्र और राज्य सरकारों से पूरा रिकॉर्ड तलब किया है।
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हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को छह महीने का सेवा विस्तार देने के औचित्य की जांच के लिए केंद्र और राज्य सरकारों से पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से विस्तार को मंजूरी देते समय बताए गए सटीक कारण और जनहित की प्रकृति का विवरण देने को कहा। पीठ ने उस कानूनी प्राधिकार पर भी स्पष्टता मांगी, जिसके तहत केंद्र ने यह मंजूरी दी है। इस मामले पर 3 सितंबर को फिर से सुनवाई होगी।
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केंद्र सरकार ने अपने जवाब में कहा कि जनहित को देखते हुए सक्सेना का कार्यकाल बढ़ाने के राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है। हालांकि, अदालत ने दोनों सरकारों को जांच के लिए सभी संबंधित रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ता अतुल शर्मा की ओर से दायर जनहित याचिका में 28 मार्च 2025 के उस आदेश को रद्द करने की मांग की गई है, जिसमें सक्सेना की सेवा अवधि 30 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कई आरोपों का सामना करने के बावजूद उनका नाम संदिग्ध निष्ठा वाले अधिकारियों की सूची से हटा दिया गया, जो कथित तौर पर संविधान के अनुच्छेद 123 का उल्लंघन है।
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