BCCI समेत किंग्स इलेवन पंजाब को नोटिस
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हिमाचल हाईकोर्ट ने एचपीसीए की तरफ से प्रदेश सरकार को टैक्स अदा न करने पर एचपीसीए, बीसीसीआई, किंग्स इलेवन पंजाब और प्रदेश सरकार के गृह सचिव को नोटिस जारी किया है।
इनसे चार सप्ताह में जवाब तलब किया गया है। ये नोटिस प्रार्थी विनय शर्मा की ओर से जनहित में दायर याचिका की सुनवाई के बाद अदालत ने जारी किए। याचिका के अनुसार एचपीसीए के धर्मशाला स्टेडियम में आईपीएल के कुल नौ मैच और एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच हो चुका है।
एक अन्य अंतरराष्ट्रीय मैच 17 अक्तूबर को होना है। इस मैच की सुरक्षा के लिए 1500 से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। इसके लिए प्रदेश सरकार का 70 लाख से एक करोड़ के बीच सुरक्षा खर्च होना है।
सुरक्षा के बदले मांगा खर्च
प्रार्थी ने अदालत से गुहार लगाई कि सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाने की एवज में खर्च की गई धनराशि को प्रदेश सरकार को अदा करने के आदेश दिए जाएं, ताकि सरकारी खजाने को नुकसान न हो।
याचिका में आरटीआई के तहत लिए गए तथ्य भी रखे गए। इसमें कहा गया कि सात आईपीएल मैचों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए राज्य सरकार ने 5 करोड़ 46 लाख रुपये खर्च किए हैं।
प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि एचपीसीए एक कंपनी के तौर पर पंजीकृत हुई है, न कि चैरिटेबल संगठन है। एचपीसीए बीसीसीआई से करोड़ों रुपये टीवी अधिकारों, किंग्स इलेवन पंजाब को किराये पर स्टेडियम देने के एवज में साढ़े तीन करोड़ और अन्य साधनों से बहुत ज्यादा लाभ कमा रही है।
कोर्ट में दी गई ये दलीलें
प्रार्थी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार सुरक्षा मुहैया करवाने की एवज में एचपीसीए को बिल जारी नहीं करती है। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हो रहा है।
प्रार्थी ने दलील दी कि बांबे हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुंबई पुलिस ने दो करोड़ तीस लाख रुपये सुरक्षा मुहैया करवाने के एवज में वसूले हैं। इसी तर्ज पर पंजाब पुलिस ने 18 करोड़ 23 लाख 89 हजार 671 रुपये के बिल जारी किए हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने भी सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए साठ लाख रुपये वसूले हैं। इसी एवज पर प्रदेश सरकार पैसा मांगे।