हिमाचल हाईकोर्ट: हवाई खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के नियमों का पालन करे सरकार
प्रदेश उच्च न्यायालय ने जनहित से जुड़ी याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को निर्देश दिए कि हवाई खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा पैराशूट, हेलमेट, दोतरफा रेडियो संचार उपकरण और ऑपरेटरों को हेलिकॉप्टर के उपयोग के लिए बीमा निकासी का प्रबंध किया जाए।
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हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने हवाई खेल, रिवर राफ्टिंग और जानवरों की सवारी जैसी साहसिक खेलों से जुड़े मुद्दे पर राज्य सरकार को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश उच्च न्यायालय ने जनहित से जुड़ी याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को निर्देश दिए कि हवाई खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा पैराशूट, हेलमेट, दोतरफा रेडियो संचार उपकरण और ऑपरेटरों को हेलिकॉप्टर के उपयोग के लिए बीमा निकासी का प्रबंध किया जाए। ऑपरेटर अपने साथ प्राथमिक चिकित्सा किट जैसे पट्टियाँ, पैड, धुंध रोलर पट्टियां, दबाव पट्टियां, कैंची आदि रखें। ऑपरेटर के पास प्रतिभागियों के मार्गदर्शन के लिए दो गाइड और हवाई राफ्ट का संचालन करने वाले योग्य व्यक्ति होने अनिवार्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ऑपरेटर के पास 18 वर्ष से अधिक आयु वाले गाइड होने चाहिए औऱ सभी गाइड अच्छी तरह से हवाई खेल और बचाव तकनीकों में प्रशिक्षित हो । ऑपरेटर के पास चिकित्सा सुविधाएं और ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा उपायों के रूप में उनके पास आवश्यक उपकरण हो। एयरो स्पोर्ट ऑपरेशन सूर्यास्त से एक घंटे पहले या शाम छह बजे से पूर्व समाप्त कर लिया जाए।
रिवर राफ्टिंग के संबंध में कोर्ट द्वारा गठित समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित साइटों का निरीक्षण करें और सत्यापित करें कि क्या ऑपरेटर के पास आवश्यक उपकरण, चिकित्सा सुविधाएं और संचालन के दौरान सुरक्षा उपाय इत्यादि सुविधाएं भी मौजूद है। जानवरों के इस्तेमाल वाली खेलों या उनसे जुड़ी पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए निर्देश दिए गए हैं कि जानवरों की सवारी के दौरान यह सुनिश्चित करना होगा कि जानवरों के साथ कोई क्रूरता नहीं की जाए। भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं किया जाए और ऐसे प्रत्येक जानवर जिनमें घोड़े और याक शामिल हैं की पशु चिकित्सक द्वारा चिकित्सकीय जांच की जाए। एक 12 वर्ष के बालक की हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग साइट पर मौत होने पर संज्ञान लेने वाली जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सत्येन वैद्य की सर्दियों की छुट्टियों के दौरान विशेष तौर पर गठित खंडपीठ ने उपरोक्त आदेश पारित किए ।
12 साल के बालक आद्विक अपने माता-पिता के साथ बेंगलुरु से उसकी छोटी बहन हिमाचल प्रदेश का दौरा करने आए थे। 22 दिसंबर 2021 को वे दोपहर करीब 1.30 बजे पैराग्लाइडिंग की साइट पर पहुंच गए। हालांकि उन्हें वहां सूचित किया गया कि टेक ऑफ पॉइंट लगभग 10-15 किलोमीटर की दूरी पर है और वहां केवल जीप द्वारा पहुंचा जा सकता है। जीप की दोपहिया वाहन से अचानक टक्कर हो गई। चालक के वाहन से नियंत्रण खोने के परिणामस्वरूप जीप15 फीट खाई में जा गिरी। सभी को गंभीर चोटें आईं जबकि आद्विक के सिर में चोट लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले को लेकर कोर्ट ने राज्य सरकार को यह निर्देश दिए है कि निरीक्षण सकारात्मक रूप से 6 फरवरी 2022 से पहले किया जाए और इसकी अनुपालना रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष दायर की जाए। अगर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि साहसिक खेल गतिविधियां बिना नियमों के संचालित की जा रही हैं तो इसके लिए वैध पंजीकरण या लाइसेंस, जैसा भी मामला हो तो उसे पर तत्काल रोक दिया जाए। संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी इस मामले पर न्यायालय के समक्ष रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश जारी किए गए हैं।