{"_id":"5f8729a40a004006d211c6e3","slug":"himachal-high-court-directions-to-state-government-to-make-simple-process-to-issue-certificates-to-public","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया सरल बनाएं महकमे: हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया सरल बनाएं महकमे: हाईकोर्ट
Wed, 14 Oct 2020 10:09 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 14 Oct 2020 10:09 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी कार्यालयों से विभिन्न श्रेणियों के लिए जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्रों को प्राप्त करने के लिए बने नियमों में कमी और इन्हें जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए व्यापक दिशा निर्देश तय किए हैं। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा प्रावधानों की गलत व्याख्या के कारण लोग कई बार अनावश्यक रूप से परेशान होते हैं।
विज्ञापन
कुछ लोग प्रमाण पत्र पाने के लिए न्यायालयों के दरवाजे खटखटाते हैं जबकि पीड़ित लोग गरीबी, बीमारी, कानून की अज्ञानता, अशिक्षा या अन्य कारणों से अदालत में आने का जोखिम नहीं उठा सकते हैं। न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर और न्यायाधीश चंद्र भूषण बारोवालिया की खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह सभी संबंधित प्राधिकरणों को बोनाफाइड हिमाचली, एससी एसटी, ओबीसी श्रेणी, बीपीएल, एपीएल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए हाईकोर्ट के आदेशानुसार उचित निर्देश जारी करे।
विज्ञापन
न्यायालय ने यह आदेश अश्विनी कुमार की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए दिए। न्यायालय ने कहा कि बोनाफाइड प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए पिछले 20 वर्षों या उससे अधिक समय से हिमाचल प्रदेश में रहने वाले एक व्यक्ति की स्थिति पहले से मौजूद है लेकिन अधिकारियों की ओर से कठोरता से इसकी व्याख्या की जा रही है। इससे लोगों को विविध उपयोग के लिए आवश्यक बोनाफाइड प्रमाणपत्र पाने में कठिनाई हो रही है।
विज्ञापन
विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए न्यायालय ने कहा है कि एक डिस्पेंसरी, मेडिकल बोर्ड के चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी प्रमाण पत्र, जो प्रचलन में दिशा निर्देशों के अनुसार है इस तथ्य का प्रमाण होगा कि आवेदक शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विभिन्न प्रमाण पत्र हासिल करने के लिये उपरोक्त शर्तें मौजूदा शर्तों के अतिरिक्त है।