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टीजीटी कला के एक वर्ग की बैचवाइज भर्ती पर हिमाचल हाईकोर्ट ने लगाई रोक
Thu, 16 Jul 2020 10:19 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 16 Jul 2020 10:19 PM IST
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हिमाचल हाईकोर्ट(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल हाईकोर्ट ने टीजीटी (कला) के एक वर्ग की बैचवाइज भर्ती पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने उस रिक्विजिशन पर रोक लगा दी जिसके तहत आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों के रोजगार कार्यालयों से नाम मंगवाए थे। न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर व न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने 24 फरवरी 2020 को जारी रिक्विजिशन पर स्थगन आदेश पारित करते हुए राज्य सरकार को 29 जुलाई तक जवाब दाखिल करने के आदेश जारी किए। सुरेश कुमार की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार ने बीपीएल श्रेणी को आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग में समायोजित कर दिया है।
इसके तहत बीपीएल श्रेणी के उम्मीदवारों के साथ अन्याय किया गया है। बीपीएल श्रेणी के उम्मीदवारों की वार्षिक आय 35000 रुपये रखी गई है जबकि आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों की वार्षिक आय चार लाख तक रखी गई है। प्रार्थी के अनुसार राज्य सरकार का बीपीएल श्रेणी के उम्मीदवारों को आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग में समायोजित किए जाने का फैसला पूर्णतया गलत है। हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया प्रार्थी की दलीलों से सहमति पाते हुए फिलहाल उस रिक्विजिशन पर रोक लगा दी जिसके तहत आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों के नाम रोजगार कार्यालय से मंगाए गए थे।
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इसके तहत बीपीएल श्रेणी के उम्मीदवारों के साथ अन्याय किया गया है। बीपीएल श्रेणी के उम्मीदवारों की वार्षिक आय 35000 रुपये रखी गई है जबकि आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों की वार्षिक आय चार लाख तक रखी गई है। प्रार्थी के अनुसार राज्य सरकार का बीपीएल श्रेणी के उम्मीदवारों को आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग में समायोजित किए जाने का फैसला पूर्णतया गलत है। हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया प्रार्थी की दलीलों से सहमति पाते हुए फिलहाल उस रिक्विजिशन पर रोक लगा दी जिसके तहत आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों के नाम रोजगार कार्यालय से मंगाए गए थे।
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