फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal High Court ban on recruitment process of BRCC, issued notice to education department and sought reply

हिमाचल: बीआरसीसी की भर्ती प्रक्रिया पर प्रदेश हाईकोर्ट की रोक, शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

Wed, 29 Nov 2023 08:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 29 Nov 2023 08:56 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव, केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय और उच्च शिक्षा निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 

विज्ञापन
himachal High Court ban on recruitment process of BRCC, issued notice to education department and sought reply
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में 282 पदों पर होने जा रही ब्लॉक रिसोर्स सेंटर कोऑर्डिनेटर (बीआरसीसी) की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद आदेश पारित किए। हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव, केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय और उच्च शिक्षा निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 24 फरवरी 2024 को मामले पर सुनवाई होगी।

विज्ञापन


शिक्षा विभाग की ओर से 3 दिसंबर को ली जाने वाली भर्ती परीक्षा को लेकर भी अब संशय बन गया है। विभागीय अधिकारी इस बाबत अभी कुछ जानकारी देने से गुरेज कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानूनी राय लेने के बाद परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों को सूचित किया जाएगा। बता दें कि मायाराम शर्मा और अन्य की ओर से दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई है। याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार प्रार्थीगण 21 वर्ष से अधिक समय से जेबीटी के पद पर कार्यरत हैं।
विज्ञापन


उन्होंने 5 वर्ष तक बतौर बीआरसीसी कार्य किया है। प्रार्थियों ने 18 अक्तूबर 2023 को जारी उस अधिसूचना को चुनौती दी है जिसके तहत शिक्षा विभाग बीआरसीसी के लिए फिर भर्ती करने जा रहा है। प्रार्थियों की दलील है कि 5 साल से अधिक समय तक बतौर बीआरसीसी कार्य करने के बावजूद उन्हें अयोग्य करार दिया गया। जो गैर कानूनी है और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया अधिसूचना को कानूनी तौर पर भेदभावपूर्ण पाते हुए इसके अनुरूप की जा रही कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed