फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal has many expectations from union budget for rail network

पहाड़ों पर आखिर कब चढ़ेगी उम्मीदों की रेल, हिमाचल को बजट से ये आस

Wed, 31 Jan 2018 11:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Wed, 31 Jan 2018 11:37 AM IST
विज्ञापन
himachal has many expectations from union budget for rail network

केंद्रीय बजट से हिमाचल को इस बार रेलवे नेटवर्क विस्तार के लिए काफी उम्‍मीदें हैं। हिमाचल का दुर्भाग्य रहा है कि केंद्र सरकारों ने प्रदेश में रेल नेटवर्क के लिए सर्वे कराने का एलान तो किया लेकिन जमीन पर एक इंच भी पटरी नहीं ला सकीं। 

विज्ञापन


ज्यादातर प्रोजेक्टों पर सर्वे तक का काम आधा भी पूरा नहीं हो सका। पर्यटन हब होने के बावजूद आज भी प्रदेश की बड़ी आबादी और यहां आने वालों को रेल सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा।
विज्ञापन


हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में हिमाचल को घोषित रेल परियोजनाओं के लिए बजट प्रावधान के साथ नई परियोजनाओं की उम्मीद की जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रेलवे का लेकर केंद्र में अटके हैं ये प्रोजेेक्ट

himachal has many expectations from union budget for rail network

ब्रिटिश समय की रेलवे लाइनों को अपग्रेड करने के साथ इनके विस्तारीकरण का मसला राज्य गठन के बाद से लटका हुआ है। आधा दर्जन रेल परियोजनाओं के लिए सर्वे का काम होने के बावजूद केंद्र ने बजट में कोई प्रावधान नहीं किया।

सामरिक  लिहाज से राष्ट्रीय परियोजना में शामिल बिलासपुर मनाली लेह रेलवे लाइन के लिए बजट प्रावधान प्रदेश की तस्वीर बदल सकता है। इसके साथ वित्त मंत्री के पिटारे से प्रदेश में हवाई सेवाएं और हेली टैक्सी सर्विसेज के साथ सीमांत सड़कों को सुदृढ़ करने के लिए नई घोषणाओं की भी उम्मीद की जा रही है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बीते 18 जनवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात कर लंबित परियोजनाओं को लेकर बजट में प्रावधान करने की मांग रखी है। उन्होंने पठानकोट मंडी रेलवे लाइन के साथ बिलासपुर लेह रेल परियोजनाओं के शीघ्र शुरू किए जाने पर जोर दिया है। अब देखना यह है कि वित्त मंत्री के बजट भाषण में हिमाचल में रेलवे को सुदृढ़ करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

दशकों से जस का तस है रेल लाइन नेटवर्क 

himachal has many expectations from union budget for rail network

पठानकोट जोगिंद्रनगर रेल लाइन को ब्रॉड गेज करने के लिए केवल दावे ही होते रहे। सर्वे की घोषणा वर्ष 2016 में हुई, लेकिन अभी तक बजट जारी नहीं हुआ है। यह परियोजना सामरिक लिहाज से महत्वपूर्ण होने के बावजूद अभी तक केंद्र सरकार ने इसकी सुध नहीं ली।

अब राज्य सरकार इस रेल लाइन को अपग्रेड करने के साथ मंडी तक ले जाने की मांग कर रही है। वर्ष 2015 में घोषित बिलासपुर मनाली लेह राष्ट्रीय रेल परियोजना को पठानकोट लाइन से जोड़ने की मांग भी प्रदेश सरकार कर रही है, इसके सर्वेक्षण के लिए 160 करोड़ रुपये जारी हुए हैं।

प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी नालागढ़ और पांवटा साहिब को रेलवे लाइनों से जोड़ने वाली परियोजना अभी तक कागजों में दर्ज है। इनके सर्वे के लिए 95 करोड़ जारी किए गए हैं, लेकिन उससे आगे कोई काम रेलवे ने नहीं किया है।

इन परियोजनाओं पर नजर

himachal has many expectations from union budget for rail network
चंडीगढ़ बद्दी रेलवे लाइन का सर्वे पूरा होने के बाद निर्माण के लिए बजट प्रावधान
शिमला कालका के बीच छोटे स्टेशनों को आधुनिक बनाने के लिए बजट
पंजाब के धनौली से नालागढ़-पांवटा साहिब होकर देहरादून की रेल लाइन नेटवर्क
कंडाघाट-रोहड़ू के बीच नई रेलवे लाइन का सर्वेक्षण
ऊना से हमीरपुर रेलवे लाइन के लिए सर्वेक्षण के बाद बजट प्रावधान
नंगल-तलवाड़ा रेल लाइन निर्माण के लिए बजट आवंटन
पठानकोट मंडी और मंडी मनाली रेलवे लाइन के लिए सर्वेक्षण
पठानकोट से जोगिंद्रनगर रेलवे लाइन का अपग्रेडेशन
चंबा को जोड़ने के लिए पठानकोट से अलग रेल परियोजना

एक वर्ष में यह मिला

himachal has many expectations from union budget for rail network

रेलवे ने बीते एक वर्ष में 498 किलोमीटर लंबी बिलासपुर मनाली लेह रेल परियोजना के लिए सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया है। तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अंतिम सर्वेक्षण के लिए जून में आधारशिला रखी है। 160 करोड़ रुपये से परियोजना का सर्वेक्षण कार्य पूरा किया जाना है।

भानुपल्ली से बिलासपुर को जोड़ने के लिए रेलवे ने 78 करोड़ का बजट जारी किया है। 10 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के लिए यह धनराशि भूमि अधिग्रहण पर खर्च होगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा।

हवाई सेवाओं के साथ सीमांत सड़कों पर नजर

himachal has many expectations from union budget for rail network

प्रदेश में कमजोर रेल लाइन नेटवर्क के साथ हवाई कनेक्टिविटी भी बदहाल है। सरकार ने प्रदेश में नए हवाई अड्डों के निर्माण के साथ हेली टैक्सी सर्विस के लिए अलग से प्रावधान की मांग रखी है। इसके साथ चीन सीमा से सटे इलाकों पर सीमांत सड़कों के निर्माण को लेकर बजट घोषणाओं पर नजर रहेगी।

प्रदेश में सीमित हवाई उड़ाने हैं। सरकार नए हवाई अड्डों के निर्माण के लिए केंद्र से मदद मांग रही है। प्रदेश से मंडी जिले में हवाई अड्डा बनाने का प्रस्ताव भी केंद्र को भेजा गया है। नार्थ ईस्ट राज्यों की तर्ज पर प्रदेश में रियायती हेली टैक्सी सेवाएं शुरू करने की मांग केंद्र से की गई है।

प्रदेश को 62 नए राष्ट्रीय राज्यमार्ग बीते वर्ष स्वीकृत हो चुके हैं, ऐसे में नए एनएच की घोषणा तो इस बजट में संभव नहीं है। हालांकि सीमांत क्षेत्रों में कमजोर सड़क नेटवर्क के लिए केंद्रीय बजट से उम्मीद है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed