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हिमाचल: हमीरपुर के करतार सिंह सौंखले को मिला पद्मश्री पुरस्कार
Tue, 09 Nov 2021 07:46 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 09 Nov 2021 07:46 PM IST
सार
करतार सिंह बांस पर कलाकृतियां बनाकर विलुप्त हो रही कला को संजोए रखने के प्रयास में जुटे हैं। करतार सिंह अपने शौक को पूरा करने के लिए बांस की कलाकृतियां बनाकर प्रदर्शनियां लगाते हैं।
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पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त करते करतार सिंह सौंखले।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हमीरपुर जिले के करतार सिंह सौंखले को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया है। हमीरपुर के कलाकार को मिले इस पुरस्कार से जिला भर में खुशी की लहर है। सौंखले अपनी धर्मपत्नी सुनीता देवी और बेटे केतन सौंखले के साथ दिल्ली पहुंचे हुए हैं। शीशे की बोतलों में बांस की कलाकृतियां बनाने वाले करतार सिंह ने सीधे तौर पर पद्मश्री अवार्ड के लिए केंद्र सरकार में आवेदन किया था। केंद्र सरकार ने पद्मश्री अवार्ड के लिए इसी साल 25 जनवरी को उनके नाम का चयन किया था।
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करतार सिंह बांस पर कलाकृतियां बनाकर विलुप्त हो रही कला को संजोए रखने के प्रयास में जुटे हैं। करतार सिंह अपने शौक को पूरा करने के लिए बांस की कलाकृतियां बनाकर प्रदर्शनियां लगाते हैं। करतार को बांस से भगवान की मूर्तियां, एफिल टावर, ताज महल जैसी कलाकृतियां बनाने के लिए जाना जाता है। करतार को बचपन से ऐसे मॉडल बनाने का शौक है। इनका जन्म उपमंडल नादौन के टप्पा नारा में एक अप्रैल 1959 को हुआ है।
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वह एनआईटी हमीरपुर से फार्मासिस्ट के पद पर सेवाएं देने के बाद मार्च 2019 में सेवानिवृत्त हुए थे। करतार सिंह को इससे पूर्व एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से ग्रैंडमास्टर का खिताब भी दिया जा चुका है। इंडियन एक्सीलेंसी और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी उनका नाम दर्ज है। उनके नाम बांस के टुकड़ों से बोतल के भीतर मंदिर बनाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है।
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