अब निजी बस ऑपरेटरों की भी होगी चांदी!
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हिमाचल के नाइट रूटों पर अब निजी बस ऑपरेटरों की बसें भी दौड़ेंगी। अभी नाइट रूटों पर परिवहन निगम की ही बसें चलती हैं। निजी ऑपरेटरों को नाइट रूट नहीं दिए जा रहे हैं। नाइट रूट की फाइल सरकार के पास है। सरकार कभी भी इस पर फैसला ले सकती है। प्रदेश में इस वक्त 2800 के करीब निजी बसें चल रही हैं। इनमें ज्यादातर बसें शहरों में चल रही हैं जबकि लांग रूट पर दौड़ने वाली बसों की संख्या 30 फीसदी है।
प्रदेश में एचआरटीसी के बेड़े में धड़ाधड़ बसें जुड़ रही हैं। अब तक ढाई सौ के करीब जेएनएनयूआरएम की बसें परिवहन निगम के बेड़े में आ गई हैं। इनमें 9 मीटर की बसों को लोकल जबकि 12 मीटर की बसों को लांग रूट पर चलाया जा रहा है। निगम में लगातार नई बसों का आना जारी है। बेड़े में 800 के करीब नई बसें जुड़नी हैं। परिवहन निगम मर्जी से शहरों में अपनी बसें दौड़ा रहा है। इससे निजी ऑपरेटर्स को घाटा होने की आशंका है।
सरकार का यह सराहनीय कदम: विक्रम ब्राक्टा
परिवहन निगम और निजी ऑपरेटरों की आपसी खींचतान में जनता को फायदा हो रहा है। बसें आने से लोगों को स्टेशन से हर घंटे बाद बस सुविधा मिल रही है। नई बसें आने से लोगों को आधे घंटे बाद सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। हिमालयन बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष विक्रम ब्राक्टा ने कहा कि एक बस सराहन से दोपहर बाद पठानकोट के लिए चलती है जबकि दूसरे शिमला से यंगथंग चलती है।
दोनों बसें रात को चलती हैं। उनका कहना है कि इस रूट को लांग रूट नहीं कहा जा सकता चूंकि नाइट बस वह होती है जो शाम 8 व 9 बजे के बाद चलती है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार नाइट रूट देने पर विचार कर रही है तो यह सराहनीय कदम है।
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि हिमाचल में निजी बस ऑपरेटरों को नाइट रूट देने पर विचार चल रहा है। ऑपरेटरों का ये मामला ध्यान में है। निगम अधिकारियों के साथ ये मामला डिस्कश होना है।