20 गैर जरूरी कानूनों को हटाएगी हिमाचल सरकार, विधानसभा में पेश किया विधेयक
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केंद्र की मोदी सरकार की तर्ज पर राज्य की जयराम सरकार भी अब गैर जरूरी कानूनों को खत्म करने जा रही है। मंगलवार को कानून मंत्री सुरेश भारद्वाज ने विधानसभा में हिमाचल प्रदेश निरसन विधेयक 2019 पेश किया।
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इनमें 20 कानून शामिल हैं जो अब गैर जरूरी हो गए हैं। इन गैर जरूरी कानूनों के हटने से आम लोगों को सेवाएं प्रदान करने में आसानी होगी और अनावश्यक प्रक्रिया एवं रिकार्ड से बचा जा सकेगा। वहीं, दूसरा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए भी इससे लाभ होगा।
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अगले तीन दिन में बिल पर चर्चा होगी और उसके बाद इसे पास किया जाएगा। मौजूदा समय में इसका कोई औचित्य नहीं रह गया है लेकिन फिर भी ये चल रहा है। राज्य सरकार ने कहा कि उन अधिनियमों को निरस्त किया जाना प्रस्तावित है जिन का महत्व अब समाप्त हो गया है या जो अब प्रचलन में नहीं है।
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अधिवक्ता कल्याण निधि संशोधन विधेयक पेश
राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विधि मंत्री सुरेश भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक 2019 को भी पेश किया। संशोधन के बाद फंड के लिए धनराशि जुटाने को वकालतनामे में स्टांप राशि बढ़ाने का प्रावधान होगा।
वकालतनामे में 10 के बदले 25 रुपये, प्रदेश में काम कर रहे वकीलों की मृत्यु पर वित्तीय राशि 1.50 लाख से बढ़ाकर 2.25 लाख करने के अलावा गंभीर बीमारियों से पीड़ित वकील को 25 हजार की जगह एक से दो लाख रुपये देने जैसे प्रावधान किए जा रहे हैं।
इसके अलावा अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकेगी। उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में इस संशोधन को अनुमति प्रदान की गई थी। इस अनुमति के बाद विधि मंत्री सुरेश भारद्वाज की तरफ से संशोधन विधेयक को सदन पटल पर रखा गया।