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दो सौ करोड़ से अधिक का निवेश करने वालों को विशेष रियायत देगी सरकार
Mon, 14 Oct 2019 01:16 PM IST
अरविन्द ठाकुर
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 14 Oct 2019 01:16 PM IST
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प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में दो सौ करोड़ से अधिक के नए उद्योगों में निवेश करने वालों को हिमाचल सरकार विशेष रियायतें देगी। इन रियायतों को हासिल करने के लिए ऐसे एंकर उद्योगों को रियायतें लेने के लिए दो सौ हिमाचलियों को स्थायी रोजगार देना अनिवार्य किया गया है। इन एंकर उद्योगों को जीएसटी में 80 फीसदी तक की छूट का लाभ सात साल की अवधि के लिए दिया जाएगा। परिवहन उपदान की अधिकतम सीमा तीस लाख रुपये सालाना रहेगी और यह लाभ पूंजीपतियों को पांच साल तक मिलेगा।
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राज्य सरकार ने दो सौ करोड़ से अधिक के निवेश करने पर लगने वाले उद्योगों को एंकर उद्योगों की श्रेणी में शामिल किया है। प्रदेश में लगने वाले ऐसे उद्योगों को नई औद्योगिक नीति में निवेशकों को कई प्रोत्साहन, रियायतें और सुविधाएं देने की व्यवस्था की है। प्रदेश के ए, बी और सी श्रेणी के औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि की दरों और प्रीमियम में क्रमश: 50, 60 और 75 फीसदी रियायत दी जाएगी।
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एसजीएसटी में 80 फीसदी रियायत, सात साल तक
प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में एंकर उद्योगों को एसजीएसटी में फिक्स कैपिटल निवेशक पर अस्सी फीसदी तक रियायत दी जाएगी। यह रियायत हिमाचल प्रदेश जीएसटी एक्ट, 2017 के तहत एंकर उद्योेगों को सात साल की अवधि तक देने की व्यवस्था कर दी गई है।
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स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क में 50 से 20 फीसदी तक छूट
नए एंकर उद्योेगों को स्थापित करने के लिए सरकार ने औद्योगिक नीति में 50 से 20 फीसदी तक स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क में 50 से 20 फीसदी तक की राशि ली जाएगी। ए, बी और सी श्रेणी के उद्योगों में यह तय रखी है। ए में 50 फीसदी, बी में 30 फीसदी और सी श्रेणी के औद्योगिक क्षेत्रों में स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क वसूला जाना है।
परिवहन उपदान तीस लाख सालाना, पांच साल तक देंगे
प्रदेश में एंकर उद्योगों को परिवहन उपदान अधिकतम तीस लाख सालाना दिया जाएगा और इसके लिए अधिकतम पांच साल की सीमा रखी है। प्रदेश में कच्चा माल और तैयार माल का परिवहन भाड़ा अधिक बैठता है। इस कारण से प्रदेश से भीतर परिवहन भाड़ा सालाना टर्न ओवर का 5 फीसदी या अधिकतम 30 लाख सालाना, इनमें से दो कम होगा, वह लाभ निवेशकों को मिलेगा।