आईएएस अफसरों को 11 फीसदी डीए जारी करने के मामले में हिमाचल सरकार का यू टर्न
महासंघ अध्यक्ष की भेंट के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य सचिवालय में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि संबंधित अधिसूचना को विदड्रा करने को कह दिया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों सबको महंगाई भत्ता एक साथ ही मिलेगा।
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आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को 11 फीसदी डीए जारी करने के मामले में राज्य सरकार ने यू टर्न ले लिया है। जयराम सरकार ने 24 घंटे के भीतर अपने फैसले को पलट दिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों को 11 फीसदी डीए जारी करने की अधिसूचना विदड्रा करने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ अब आईएएस अधिकारियों का डीए होल्ड हो गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को अब एक साथ महंगाई भत्ता मिलेगा। बुधवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को 11 फीसदी डीए जारी करने की अधिसूचना जारी की थी। इसे 17 से बढ़ाकर 28 फीसदी किया गया है। बेशक इसे कर्मचारियों और पेंशनरों की तरह एक जुलाई से दिया जाना है। पर जहां इसे आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के लिए 11 फीसदी डीए देने की अधिसूचना जारी हुई है, वहीं कुछ दिन पहले ही लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को छह फीसदी डीए देना अधिसूचित किया गया है।
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अफसरों को 11 फीसदी और कर्मचारियों के लिए छह फीसदी डीए की अधिसूचना के इस भेदभाव से कर्मचारी रुष्ट हो गए। वीरवार सुबह हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी ठाकुर पहले मुख्य सचिव रामसुभग सिंह से मिले। उनके सामने अपनी बात रखी। मुख्य सचिव से इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर वह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिले। सीएम जयराम ठाकुर ने भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को एक ही तर्ज पर एक साथ डीए देने की बात की। सीएम ने 15 अगस्त को भी यही घोषणा की थी। महासंघ अध्यक्ष की भेंट के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य सचिवालय में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि संबंधित अधिसूचना को विदड्रा करने को कह दिया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों सबको महंगाई भत्ता एक साथ ही मिलेगा।
कृषि विवि के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता
वहीं, कृषि विवि पालमपुर ने अपने कर्मचारियों को प्रदेश सरकार की तर्ज पर छह प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की अधिसूचना जारी कर दी है। कृषि विवि के कुलपति प्रो. एचके चौधरी ने भी अपने कर्मचारियों को यह भत्ता देने का फैसला लिया। जिससे विवि के करीब 800 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। साथ ही विवि से सेवानिवृत कर्मचारियों को भी इसका साथ ही लाभ मिलेगा। कृषि विवि के कर्मचारियों अब यह भत्ता 153 प्रतिशत से बढ़कर 159 प्रतिशत हो जाएगा। डीए की किस्त एक जुलाई से देय होगी। कर्मचारियों को सितंबर माह के वेतन में 159 प्रतिशत महंगाई भत्ता नकद मिलेगा। पहली जुलाई 2021 से 31 अगस्त 2021 तक का एरियर कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों में जमा कर दिया जाएगा। जबकि जो कर्मचारी सीपीएस स्कीम के अंतर्गत वेतन ले रहे हैं, उन्हें दो माह का एरियर धन की उपलब्धता होने पर सितंबर माह के वेतन के साथ नकद दिया जाएगा। उधर, विवि के संयुक्त निदेशक डॉ. हृदय पाल सिंह ने कहा कि कृषि विवि के कर्मचारियों का भता भी कुलपति प्रो. एचके चौधरी ने प्रदेश सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर बढ़ा दिया है, जिसे जल्द दिया जाएगा।
कर्मचारी महासंघ ने इसी महीने जेसीसी बैठक बुलाने की मांग की
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ ने जयराम सरकार और मुख्य सचिव रामसुभग सिंह से मांग की है कि कर्मचारियों की संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक इसी महीने बुलाई जाए। उन्होंने कहा कि इस बैठक में अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की अवधि तीन से घटाकर दो साल की जाए। अनुबंध कर्मचारियों को नियमितीकरण का लाभ भी 30 सितंबर के बाद नियमित कर एक अक्तूबर से दिया जाए। यह मामला जेसीसी की बैठक के लिए प्रस्तावित एजेंडों में से एक है। इसी एजेंडे के तहत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने की अवधि भी पांच से घटाकर तीन साल की जाए।
इससे कर्मचारी शोषित नहीं होंगे। हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर का कहना है कि वे उम्मीद कर रहे हैं कि जेसीसी की बैठक 30 सितंबर से पहले ही होगी। उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार से मांग की गई है। अनुबंध और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का दो और तीन साल में नियमितीकरण भी सितंबर महीने से ही किया जाए। अभी यह तीन और पांच साल बाद हो रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट घोषणा में भी इस संबंध में आश्वस्त किया है।