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साहित्यकारों-कलाकारों के लिए अच्छी खबर, बढ़ा पारिश्रमिक
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 20 Nov 2016 12:02 AM IST
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हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी के बनाए योजनाओं के संशोधित नियम सरकार ने पारित कर दिए हैं। इसमें साहित्यकारों-कलाकारों का पारिश्रमिक बढ़ा दिया है। यह प्रावधान भी किया है कि यदि अकादमी की वित्तीय स्थिति में गुंजाइश हो तो विशेष परिस्थितियों में राष्ट्रस्तरीय विख्यात साहित्यकारों-कलाकारों को हवाई जहाज तक का किराया दिया जा सकेगा। अब लेखकों की 15 से 25 हजार तक की पुस्तकें खरीदी जाएंगी।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की घोषणा के अनुसार साहित्य पुरस्कार एवं कलाकार सम्मान की राशि पहले ही 31000 से बढ़ाकर 51000 रुपये और शिखर सम्मान की राशि 51000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख की गई है। 24 महत्वपूर्ण योजनाएं पारित की गई हैं। अकादमी सचिव अशोक हंस ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं अध्यक्ष अकादमी वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता और कार्यकारी परिषद के सभापति डॉ. प्रेम शर्मा की अध्यक्षता में बैठकों के बाद आंशिक संशोधन कर नए नियम मंजूर हुए हैं।
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इनमें सचिव भाषा-संस्कृति अनुराधा ठाकुर का भी विशेष योगदान रहा है। पहले जिलास्तरीय आयोजन के लिए साहित्यकारों-कलाकारों को 500 और राज्य एवं अंतरराज्यीय आयोजन के लिए 700 रुपये मानदेय का प्रावधान था। अब तमाम कार्यक्रमों के लिए पारिश्रमिक राशि 800 रुपये और अंतरराज्यीय कार्यक्त्रस्मों के लिए 1000 रुपये की है। पहले दैनिक भत्ता नहीं दिया जाता था, लेकिन आने-जाने के तीन किराये का प्रावधान था। भोजन और अन्य मार्ग व्यय को देय तीसरा किराया बहुत कम था।
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वर्तमान संशोधित नियमों में आने-जाने के वास्तविक दो किराये के अलावा तीसरे किराये के बदले आने-जाने के वास्तविक दिनों और कार्यक्रमों के दिनों का 250 रुपये प्रति दिन दैनिक भत्ता दिया जाएगा। नवोदित साहित्यकारों-कलाकारों को वरिष्ठ साहित्यकारों की तरह अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। पारिश्रमिक कुछ कम देय होगा।
हंस ने बताया कि हिमाचल के लेखकों की सामान्य पुस्तकों की खरीद राशि 6000 से बढ़ाकर 15000 रुपये करने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी। इसे क्रियान्वित तो किया था, लेकिन नियमों में एक बंधन था कि किसी भी स्थिति में पुस्तक की 50 प्रतियों से अधिक खरीद नहीं की जाएगी। अब 50 प्रतियों की शर्त को हटा दिया है।
उच्च स्तरीय क्रय समिति के निर्णयानुसार स्तरीय पुस्तकों की 15000 रुपये की खरीद की जाएगी। खरीद के समय साहित्यकारों से ली जाने वाली 25 प्रतिशत छूट भी घटाकर 15 प्रतिशत की है। पुरस्कृत पुस्तकों की राशि 10000 से बढ़ाकर पहले की तरह 25000 रुपये रहेगी, जिन्हें नियमानुसार खरीदा जाएगा।
हिमाचल की साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रकाशन के लिए नियमानुसार साल में एक अंक के लिए 15000 रुपये तक राशि दी जा सकेगी। पुस्तक प्रकाशनार्थ वित्तीय अनुदान पहले 6000 रुपये तक देने का प्रावधान था। इसे बढ़ाकर 15000 रुपये किया है। स्वैच्छिक संस्थाओं को वित्तीय अनुदान योजना में अधिकतम अनुदान राशि 25000 रुपये रखी है।