जनता बढ़े किराये से बेहाल, मंत्रियों को खरीदीं तीन फॉर्च्यूनर
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मंत्रियों का तर्क है कि लंबे सफर के लिए फॉर्च्यूनर गाड़ी बेहतर है। मंत्रियों की मांग पर सचिवालय प्रशासन ने अब चरणबद्ध तरीके सेे लग्जरी गाड़ियां खरीदने की तैयारी कर ली है।
तीन फॉर्च्यूनर गाड़ियों का ऑर्डर भी दे दिया गया है। फॉर्च्यूनर गाड़ी का टॉप मॉडल 34.53 लाख में पड़ रहा है। इससे कम कीमत वाली गाड़ी लेने को मंत्री तैयार नहीं हैं।
3-3 करके गाड़ियां खरीदने का फैसला लिया
सचिवालय सामान्य प्रशासन ने सरकार को बताया है कि अगर एक साथ मंत्रियों के लिए गाड़ियां खरीदी जाती हैं तो सरकार पर करोड़ों रुपये का वित्तीय भार बढ़ जाएगा। ऐसे में प्रदेश सरकार ने सचिवालय सामान्य प्रशासन के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से यानी 3-3 करके गाड़ियां खरीदने का फैसला लिया है।
वर्तमान में मंत्रियों के पास कैमरी गाड़ियां हैं, उन्हें सचिवों को दिया जाना है। सचिवालय सामान्य प्रशासन सचिव आरएन बत्ता ने कहा कि गाड़ियां ली जा रही हैं, कितनी हैं और कब ली जाएंगी, इसके आर्डर को लेकर उन्होंने स्थिति स्पष्ट नहीं की।
किराया बढ़ाने पर सरकार को कोस रही जनता
प्रदेश सरकार ने न्यूनतम किराया 3 रुपये से बढ़ाकर दोगुना और प्रति किलोमीटर किराया 20 से 24 फीसदी बढ़ाने पर प्रदेश की जनता सरकार को कोस रही है। बस में सवारियों के परिचालकों के साथ झगड़े हो रहे हैं।
परिचालकों ने अपने थैले में किराया बढ़ाने की अधिसूचना रखी है। ज्यादा बोलने वाली सवारियों को यह अधिसूचना दिखाई जा रही है। सचिवालय सामान्य प्रशासन सचिव आरएन बत्ता ने कहा कि गाड़ियां ली जा रही है, कब ली जाएगी, इसके आर्डर को लेकर उन्होंने स्थिति स्पष्ट नहीं की।