बाबा रामदेव की कंपनी से हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने किया बड़ा करार
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योग गुरु बाबा रामदेव से जुड़ी कंपनी पतंजलि को जिला सोलन के साधुपुल में दी गई जमीन की लीज को रद्द करने के फैसले को वापस लेने का आश्वासन देने के बाद अब हिमाचल सरकार पतंजलि को सेब का रस देकर संबंध मीठे बनाने में जुट गई है। सोमवार को राजधानी शिमला में बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स की अध्यक्षता में हुई एचपीएमसी के निदेशक मंडल की बैठक में मैसर्ज पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को थोक में सेब के रस की आपूर्ति करने का फैसला लिया गया है।
इस फैसले को पतंजलि द्वारा सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर किए गए मामले को वापस लेने पर तोहफे के तौर पर भी देखा जा रहा है। उधर, निगम ने राधा स्वामी डेरा को टैटरापैक में पेय की आपूर्ति करने को भी स्वीकृति दी है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए
स्टोक्स ने कहा कि एचपीएमसी प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण एजेंसी है, जो प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करवाने वाले उत्पादित फलों के प्रापण, प्रसंस्करण तथा संरक्षण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। एचपीएमसी ने इस वित्त वर्ष के दौरान सर्वाधिक 7368 लाख रुपये के कारोबार का लक्ष्य पूरा किया है, जो गत वर्ष से 40 प्रतिशत अधिक है।
महंगाई भत्ते की किस्त जारी
इसके अलावा घाटे को भी वर्ष 2015-16 के दौरान 653 लाख रुपये से घटाकर 312 तक लाया है। वर्ष 2015-16 के प्रदर्शन को मद्देनजर रखते हुए बोर्ड ने वर्ष 2017-18 के लिए 9200 लाख रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने निगम के कर्मचारियों को एक जुलाई 2016 से राज्य सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने को भी स्वीकृति प्रदान की।
एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक जेसी शर्मा ने कहा कि निदेशक मंडल ने परवाणू में शीत भंडार सुविधाएं भाड़े पर लेने के अलावा ताजा प्राकृतिक सेब के रस से एपल साइडर के उत्पादन तथा विपणन के लिए बंगलूरू की कंपनी मैसर्ज पीएच 4 से समझौता किया है। निगम इस प्रबंध के लिए 162 लाख रुपये सालाना का अतिरिक्त राजस्व सृजित करेगा और शीत भंडार परवाणू के शून्य से 20 डिग्री कम वाले चेंबर का सही उपयोग और फलों की श्रेणियों के प्रसंस्करण में भी सहायता करेगा।