हिमाचल में शादी करने जा रहे हैं तो बहुत महंगा पड़ेगा आठवां फेरा
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शादी के सात फेरे लेने के बाद जोड़ियों का विवाह पंजीकरण का आठवां फेरा महंगा होने वाला है। सितंबर महीने से हिमाचल में विवाह पंजीकरण फीस 40 गुना बढ़ने वाली है। पंजीकरण के लिए 5 के बजाय 200 रुपये लगेंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर राजपत्र में अधिसूचित कर दिया है।
जनता से 26 अगस्त तक सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर ने बताया कि सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद सितंबर में नई फीस की घोषणा कर दी जाएगी। हिमाचल प्रदेश विवाह रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) नियम 2016 के तहत विभाग ने पंजीकरण फीस बढ़ाने का फैसला लिया है।
शहरी विकास विभाग ने संबंधित विभाग को फीस बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूर करते हुए सरकार ने बढ़ाई गई फीस का प्रस्ताव अधिसूचित कर दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक विवाह के 30 दिन बाद और 90 दिन से पहले 400 रुपये लेट फीस लगेगी। अभी लेट फीस दस रुपये है। बीपीएल और आईआरडीपी परिवारों को विवाह पंजीकरण के लिए 5 के बजाय 25 रुपये देने होंगे। इसी तरह लेट फीस 10 रुपये की जगह 50 रुपये देनी होगी।
साल के भीतर पंजीकरण पर 400 रुपये फीस
जो जोड़ियां विवाह पंजीकरण 90 दिन के भीतर न करा पाईं, उन्हें एक साल के भीतर पंजीकरण के लिए 400 रुपये फीस देनी होगी। अभी यह फीस 50 रुपये है। ऐसे दंपति के विवाह को जिला विवाह रजिस्ट्रार की लिखित अनुज्ञा से पंजीकृत किया जाएगा।
एक साल बाद विवाह पंजीकरण करवाने पर भी 400 रुपये ही फीस लगेगी। लेकिन ऐसेे लोगों को प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा विवाह की सत्यता का सत्यापन करवाना होगा।
विदेश में शादी का पंजीकरण 1000 रुपये में
विदेश में शादी का हिमाचल में पंजीकरण कराने की फीस एक हजार रुपये करने का प्रस्ताव है। अभी यह फीस 100 रुपये है।
विवाह प्रमाण पत्र के ये हैं लाभ
विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता तब होती है, जब आपको यह साबित करने की आवश्यकता हो कि आपका विवाह किसी के साथ कानूनन संपन्न हुआ है। पासपोर्ट बनवाने और गौत्र परिवर्तन करवाने में विवाह प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ती है।