शिक्षकों के हक में सरकार का बड़ा फैसला
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प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के हक बड़ा फैसला लिया है। इन शिक्षकों को पिछले करीब दो महीने से नियुक्ति नहीं मिल रही थी। प्रदेश के प्रारंभिक शिक्षा विभाग को करीब 476 नए टीजीटी मिले हैं। अधीनस्थ चयन बोर्ड हमीरपुर से चयनित इन शिक्षकों को पिछले करीब दो महीने से नियुक्ति नहीं मिल रही थी।
सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सोमवार को इस संबंध में नियुक्ति आदेश जारी कर किए हैं। इनमें 227 आर्ट्स विषय और 249 नॉन मेडिकल विषय के टीजीटी शामिल हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार पिछले महीने जेबीटी से टीजीटी प्रमोट हुए शिक्षकों द्वारा की जा रही अडजस्टमेंट के कारण बोर्ड से चयनित शिक्षकों की नियुक्तियां नहीं हो पा रही थी।
पहले होनी चाहिए थी नियुक्तियां
विभाग ने प्रमोटी शिक्षकों को नियुक्ति निर्देश जारी कर दिए थे, लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षकों को स्टेशन पसंद नहीं आने के कारण सचिवालय से डीओ नोट ला रहे थे। जिन्हें शिक्षा विभाग को अडजस्ट करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना कि कुछ डीओ लेटर तो एक ही स्टेशन को लेकर आए थे।
ऐसे मामलों को फिर से सरकार के भेजा गया नई तरह से नियुक्ति आदेश जारी किए गए और बोर्ड से चयनित शिक्षकों के लिए रास्ते खुल गए। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अशोक शर्मा ने शिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी करने की पुष्टि की है।
राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष विरेंद्र चौहान ने कहा कि यह सराहनीय प्रयास है कि सरकार शिक्षकों की नियुक्तियां कर रही है। परीक्षाओं का समय है ऐसे में सरकार को चाहिए था कि इन शिक्षकों को पहले नियुक्तियां देनी चाहिए थी।
191 प्रिंसिपलों को प्रमोट करने की तैयारी
शिक्षा विभाग ने अब हेडमास्टरों को प्रमोट करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने इसके लिए 191 हेडमास्टरों से 10 दिन के भीतर एसीआर उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी किए हैं। हालांकि शिक्षकों द्वारा विभाग की इस प्रमोशन प्रक्रिया का विरोध किया जा रहा है। क्योंकि ये पदोन्नतियां बिना डीपीसी के हो रही है और ये पदोन्नतियां सिर्फ नाम की होगी और किसी भी तरह के वित्तीय लाभ नहीं मिलेंगे। यहां तक की वेतन भी हेडमास्टर पद का ही होगा।