ड्रोन करेगा जंगलों की निगरानी, हेलीकॉप्टरों से बुझाई जाएगी आग
हिमाचल में जंगल की आग को हेलीकॉप्टर से बुझाया जाएगा। सरकार ने हेलीकॉप्टर की मदद के लिए एयरफोर्स से बात कर ली है।
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हिमाचल में पिछले डेढ़ माह के दौरान जंगलों में 15 सौ से ज्यादा आग की घटनाओं मेें आठ लोगों की जान जाने के बाद वन विभाग अब नींद से जागा है। विभाग अब वनों की निगरानी के लिए पहली जून से ड्रोन कैमरों की मदद लेने जा रहा है। साथ ही जंगल की आग को हेलीकॉप्टर से बुझाया जाएगा।
इसके लिए वायु सेना के तीन और हिमाचल सरकार के एक हेलीकॉप्टर की मदद ली जाएगी। वायुसेना ने विभाग से उन क्षेत्रों की जानकारी मांगी है, जहां आग लगी है और हेलीकाप्टर से आग बुझाने की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने उन स्थानों की भी जानकारी मांगी है, जहां से पानी भरा जा सकता है।
वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने वीरवार को पत्रकार वार्ता कर बताया कि सरकार ने हेलीकॉप्टर की मदद के लिए एयरफोर्स से बात कर ली है। एयरफोर्स ने भी सरकार को तीन हेलीकाप्टर मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। साथ ही सरकार का एक हेलीकाप्टर धर्मशाला में तैनात रहेगा, जिसकी मदद से प्रभावित क्षेत्र में उपकरण और अन्य संसाधन और लोग पहुंचाए जाएंगे।
इसके साथ ही विभाग से जंगल की आग से निपटने के लिए जरूरी आधुनिक उपकरणों का प्रस्ताव भेजने को कहा है। उन्होंने बताया कि चीड़ के उद्योग लगाने वालों को सब्सिडी व मुफ्त में चीड़ की पत्ती मुहैया कराने के लिए बन रही स्कीम को भी आने वाली कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
अशोक को मिलेगा शहीद का दर्जा
वन मंत्री ने बताया कि आग बुझाने के दौरान जान गंवाने वाले डिप्टी रेंजर अशोक कुमार को विभाग शहीद का दर्जा देगा। मंत्रिमंडल की बैठक में भी प्रस्ताव लाकर उसे शहीद का दर्जा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। वनों को बचाने वाले आम लोगों को भी जान गंवाने पर उनके परिवार वालों को जिला प्रशासन के साथ-साथ विभाग की ओर से मुआवजा या सहायता राशि प्रदान करने के लिए प्रस्ताव लाएंगे।