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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ: वीरेंद्र चौहान बोले- एफए वन मूल्यांकन में कोई बुराई नहीं
Thu, 13 May 2021 06:37 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 13 May 2021 06:37 PM IST
सार
राजकीय अध्यापक संघ का मानना है कि यदि हिमाचल सरकार व शिक्षा विभाग ने बच्चों को व्यस्त रहने के लिए और उनका मूल्यांकन करने की दृष्टि से मई माह में एफए वन का मूल्यांकन करने का निर्णय लिया है, उसमें कोई हर्ज नहीं है।
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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने एफए वन मूल्यांकन का विरोध करने वालों के खिलाफ कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के नाम से एक स्वयंभू नेता ने खुद को संघ का प्रदेश अध्यक्ष होने और गूगल मीट में 115 शिक्षकों की बैठक होने का दावा किया है। कहा गया है कि बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने एफए वन मूल्यांकन का विरोध किया है और इस मूल्यांकन के लिए विभाग के फैसले को गलत करार दिया है। वीरेंद्र चौहान ने बताया कि हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की कोई गूगल मीट नहीं हुई है और न ही संघ के प्रदेशाध्यक्ष तथाकथित शिक्षक नेता नरेश महाजन हैं।
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वर्तमान में हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान हैं, जिन्हें लगातार तीसरी बार शिक्षकों ने यह जिम्मेदारी दी है। उस नाते यह स्पष्टीकरण देना जरूरी है कि जो लोग एफए वन का विरोध कर रहे हैं वह हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के निष्कासित लोग हैं उनका इस संगठन से कोई लेना-देना नहीं है। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ का मानना है कि यदि हिमाचल सरकार व शिक्षा विभाग ने बच्चों को व्यस्त रहने के लिए और उनका मूल्यांकन करने की दृष्टि से मई माह में एफए वन का मूल्यांकन करने का निर्णय लिया है, उसमें कोई हर्ज नहीं है। कुल मिलाकर इससे शिक्षकों की ओर से दी गई शिक्षा व पिछले 2 महीनों में बच्चों की पढ़ाई का मूल्यांकन ही तो होगा। मूल्यांकन कभी भी हो उससे बच्चे की गुणवत्ता में निखार आता है, इसलिए हमें किसी तरह के मूल्यांकन का स्वागत करना चाहिए न कि उसका विरोध करना चाहिए।
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जरूरतमंद लोगों की मदद करेगा शिक्षक महासंघ
उधर, हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने कोरोना से निपटने और इस महामारी में जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के लिए प्रदेश भर से 35 सदस्यों की समिति का गठन किया है। प्रदेश के सभी जिलों में कार्यकर्ताओं के माध्यम से जिले की टीम संपर्क करेगी और जरूरत तक सुविधाएं उपलब्ध करवाएगी। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. मामराज पुंडीर ने कहा कि समिति की अगुवाई प्रांत संगठन मंत्री पवन मिश्रा करेंगे। समिति में सभी जिलों के अध्यक्ष, महासचिव जिला स्तर पर और उसके बाद खंड स्तर पर समिति को सहयोग के लिए टीमों का गठन किया जाएगा। कहा कि महासंघ के कार्यकर्ता इस महामारी में कंधे से कंधे मिलाकर सरकार के साथ खड़े हैं। महासंघ के कई कार्यकर्ता पहले से कोविड में सेवाएं दे रहे हैं। यह समिति गरीब बच्चों को किताबें, राशन, होम आइसोलेट मरीजों के लिए खाने का बंदोबस्त कर रहे हैं। वे प्रदेश के गांवों में जाकर लोगो को वैक्सीनेशन के लिए जागरूक भी करेंगे।
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