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हिमाचल: कर्मचारियों को बड़ी राहत, ज्वाइनिंग के बीच की अवधि अब नियमितीकरण में नहीं बनेगी बाधा
Wed, 30 Sep 2026 02:34 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 30 Sep 2026 02:34 PM IST
सार
अब मार्च या सितंबर के अंतिम दिनों में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले कर्मचारी यदि पहली अप्रैल या पहली अक्तूबर अथवा नियुक्ति पत्र में निर्धारित अवधि के भीतर सेवा ज्वाइन करते हैं, तो नियुक्ति पत्र जारी होने और कार्यभार ग्रहण करने के बीच की अवधि को नियमितीकरण के लिए माफ माना जाएगा। इससे हजारों कर्मचारियों को नियमित होने की पात्रता तय करने में लाभ मिलेगा। कार्मिक विभाग ने इस संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
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हिमाचल प्रदेश सरकार।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर राहत भरा फैसला लिया है। अब मार्च या सितंबर के अंतिम दिनों में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले कर्मचारी यदि पहली अप्रैल या पहली अक्तूबर अथवा नियुक्ति पत्र में निर्धारित अवधि के भीतर सेवा ज्वाइन करते हैं, तो नियुक्ति पत्र जारी होने और कार्यभार ग्रहण करने के बीच की अवधि को नियमितीकरण के लिए माफ माना जाएगा।
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इससे हजारों कर्मचारियों को नियमित होने की पात्रता तय करने में लाभ मिलेगा। कार्मिक विभाग ने इस संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह फैसला प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से सपना कुमारी एवं अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार (सीडब्ल्यूपी संख्या 2602/2023) मामले में 22 जुलाई 2025 को दिए गए निर्णय के अनुपालन में लिया गया है।
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राज्य सरकार ने 6 अप्रैल 2022 को जारी आदेशों में केवल उन मामलों को राहत दी थी, जहां मार्च या सितंबर के अंतिम कार्य दिवस पर नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद छुट्टियों के कारण कर्मचारी उसी माह कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाता था। लेकिन ऐसे मामलों में स्थिति स्पष्ट नहीं थी, जहां नियुक्ति पत्र माह के अंतिम दिनों में जारी हुआ और कर्मचारी ने पहली अप्रैल या पहली अक्तूबर को ज्वाइन किया।
इसी कानूनी अस्पष्टता को हाईकोर्ट ने दूर किया था। नए निर्देशों के अनुसार नियमितीकरण की पात्रता की गणना के लिए नियुक्ति आदेश जारी होने की तिथि अथवा मार्च/सितंबर का अंतिम दिन, जो भी बाद में होगा, उसे कट-ऑफ तिथि माना जाएगा। इससे कर्मचारियों की सेवा अवधि में कृत्रिम अंतराल नहीं माना जाएगा और नियमितीकरण की पात्रता प्रभावित नहीं होगी।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस राहत का लाभ केवल नियमितीकरण की गणना तक सीमित रहेगा। कर्मचारियों को वास्तविक वित्तीय लाभ उनकी वास्तविक ज्वाइनिंग तिथि या नियमितीकरण आदेश लागू होने की आगामी तिथि से ही मिलेंगे। यानी पिछली अवधि का वेतन या अन्य आर्थिक लाभ देय नहीं होंगे।
कार्मिक विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले से निपटाए जा चुके मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा। साथ ही 6 अप्रैल 2022 को जारी पूर्व आदेश को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है। कार्मिक विभाग ने अधिसूचना की प्रतियां सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग, राज्य चयन आयोग, राजभवन और उच्च न्यायालय सहित संबंधित संस्थानों को भेजी है।
सभी विभागों को पालन के निर्देश
कार्मिक विभाग की ओर से जारी नए निर्देशों की प्रतियां राजभवन, हिमाचल प्रदेश विधानसभा, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग और हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग समेत संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी गई हैं। सरकार ने सभी विभागों को नए प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी नियुक्ति मार्च या सितंबर के अंतिम दिनों में हुई थी और जिन्होंने अगले महीने की शुरुआत में निर्धारित समय के भीतर कार्यभार संभाला था।
कार्मिक विभाग की ओर से जारी नए निर्देशों की प्रतियां राजभवन, हिमाचल प्रदेश विधानसभा, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग और हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग समेत संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी गई हैं। सरकार ने सभी विभागों को नए प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी नियुक्ति मार्च या सितंबर के अंतिम दिनों में हुई थी और जिन्होंने अगले महीने की शुरुआत में निर्धारित समय के भीतर कार्यभार संभाला था।