हिमाचल की जनता ने चुनकर भेजे आठ युवा चेहेरे, इनसे हैं उम्मीदें
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विधानसभा चुनाव में हिमाचल की जनता ने युवा प्रतिनिधियों को भी चुनकर विधानसभा भेजा है। आठ नवनियुक्त विधायक 40 साल से कम आयु के हैं। इनमें एक महिला भी हैं। आठ में से चार महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व का मौका दिया गया है। हालांकि, राज्यसभा सांसद विप्लव ठाकुर समेत चार को हार का सामना करना पड़ा।
सबसे युवा विधायक होने का रिकॉर्ड बनाने वाले यादविंद्र गोमा को इस बार मात खानी पड़ी। इसके अलावा जितने भी युवा प्रत्याशी मैदान में उतरे उनके सिर पर जीत का सेहरा सजा। विधानसभा चुनाव के दौरान चालीस से कम उम्र के नौ प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। वहीं, आठ महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में थीं।
इनमें पांच भाजपा तो तीन कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही थीं। सोमवार को आए नतीजों से साफ हुआ कि जनता ने युवाओं को जिताने में कोई कसर नहीं रखी। सबसे युवा व वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह के अलावा बंजार से भाजपा के सुरेंद्र शौरी, नाचन से भाजपा के विनोद कुमार, सुंदरनगर से भाजपा के राकेश जम्वाल, चुराह से भाजपा के हंसराज, कसुम्पटी से अनिरुद्ध सिंह और
रेणुकाजी से कांग्रेस के विनय कुमार और इंदौरा से भाजपा की रीता धीमान को जिता दिया। वहीं, आठ महिला प्रत्याशियों में से आधी ही जीत का स्वाद चख सकी। इनमें डलहौजी से विधायक आशा कुमारी, भोरंज से कमलेश कुमारी, सरवीन चौधरी भी शामिल हैं।
आधे से ज्यादा थे युवा मतदाता
प्रदेश में कुल मतदाताओं में आधे से ज्यादा चालीस से कम उम्र के थे। खास बात यह है कि मतदान करने वालों में एक ओर जहां आधी से ज्यादा महिलाएं थीं, वहीं पुरुषों में मतदान करने वालों में युवाओं की संख्या आधी से ज्यादा थी।
जाहिर है, मतदान करने वालों में युवाओं की आधी से ज्यादा संख्या का असर युवा प्रत्याशियों के प्रदर्शन पर पड़ना ही था। यही कारण रहा कि सिर्फ एक युवा प्रत्याशी को छोड़ बाकी सभी विधानसभा पहुंच गए।
महिलाओं पर नहीं जताया विश्वास
युवा प्रत्याशियों पर भले ही लोगों का विश्वास रहा, लेकिन महिलाओं को लेकर मतदाता असमंजस में ही दिखा। शायद यही कारण है कि बीजेपी की पांच और कांग्रेस से तीन प्रत्याशियों में से सिर्फ चार ही विधानसभा पहुंच सकीं।
जगत सबसे कम 120 मतों से जीते
शिमला। किन्नौर से जगत सिंह नेगी सबसे कम मतों के अंतर से जीते। जीत का आंकड़ा मात्र 120 वोट रहा। बड़सर से कांग्रेस प्रत्याशी इंद्रदत्त लखनपाल ने अपने प्रतिद्वंद्वी को मात्र 439 मतों से मात दी। इनके अलावा कसौली से भाजपा प्रत्याशी राजीव सैजल 442, डलहौजी से कांग्रेस प्रत्याशी आशा कुमारी 556 और सोलन से कांग्रेस प्रत्याशी धनीराम शांडिल 671 मतों के अंतर से जीते।
सुशांत और प्रवीण की जमानत जब्त
राजा का तालाब/पालमपुर(कांगड़ा)। फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी सुजान सिंह पठानिया ने जीत की हैट्रिक लगाई, तो वहीं पूर्व सांसद डॉ. राजन सुशांत अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए हैं।
फतेहपुर विस क्षेत्र से इस बार वे आजाद उम्मीदवार के तौर पर उतरे थे। हालांकि, भाजपा प्रत्याशी कृपाल परमार और आजाद प्रत्याशी बलदेव ठाकुर अपनी जमानत को बचाने में कामयाब हुए रहे।
पालमपुर विस क्षेत्र से शांता के हनुमान रहे भाजपा से बागी होकर चुनाव मैदान में उतरे प्रवीण शर्मा भी चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। प्रवीण 3198 मत लेकर अपनी जमानत जब्त करवा बैठे हैं।