Himachal Election: कुटलैहड़ में भाजपा को अनुराग का सहारा, कांग्रेस को सरकार के काम पर भरोसा
कुटलैहड़ उपचुनाव के समर में भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे को पटकनी देने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश के कुटलैहड़ उपचुनाव के समर में भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे को पटकनी देने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। भाजपा केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के सहारे जीत पाने को आतुर है तो अपनी सरकार के काम पर कांग्रेस को भरोसा है। लोकसभा के साथ ही हो रहे उपचुनाव में भाजपा मोदी मैजिक का लाभ मिलने की उम्मीद पाले है। अमित शाह, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रचार के लिए आने से चुनावी माहौल पूरी तरह से गर्मा गया है। कड़े मुकाबले में बाजी किसी के भी पक्ष में पलट सकती है।
कांग्रेस यहां मुख्यमंत्री सुक्खू व डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई में जीत के लिए ताकत झोंक रही है। कांग्रेस सुक्खू सरकार के 15 महीनों के काम और विधायकों की खरीद-फरोख्त के कथित मामले को मुद्दा बनाकर हमलावर है। पार्टी की कोशिश है कि इस मुकाबले को धनबल बनाम जनबल का बनाकर मतदाताओं का भरपूर समर्थन हासिल किया जाए। वहीं भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के काम और नाम के साथ केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के प्रभाव व पकड़ को भुनाने की कोशिश है। संगठन की ताकत भी भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र भुट्टो के साथ है।
जपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोपों की राजनीति के बीच जनता के आम मुद्दे गौण होकर रह गए हैं। भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र भुट्टो पर चनावी जंग के दौरान दर्ज हुआ मामला भी चर्चा में रह चुका है। भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र कुमार भुट्टो का कहना है कि जनता का पहली जून को भारी मतों के साथ आशीर्वाद मिलेगा। चार जून को भाजपा के पक्ष में परिणाम आएंगे। प्रचार प्रचार के दौरान क्षेत्र की जनता को पूरा सहयोग और समर्थन मिल रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य व पेयजल की व्यवस्था प्राथमिकता में है।
उधर, कांग्रेस प्रत्याशी विवेक शर्मा का कहना है कि 14 माह में ही दल बदलकर दोबारा चुनाव में उतरे भाजपा प्रत्याशी के लिए लोग अपने घरों के दरवाजे तक नहीं खोल रहे है। देवेंद्र भुट्टो ने कांग्रेस और कुटलैहड़ की जनता के साथ गद्दारी की है। जनता इस बार उन्हें कड़ा सबक सिखाकर ही रहेगी। पेयजल की समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना, हर घर को पक्के रास्ते, राजस्व मामलों का निपटारा, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देना, क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाना प्राथमिकता रहेगी।