Himachal: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने खोली देहरा और ज्वालाजी की सियासी गांठ, पढ़ें पूरा मामला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की देहरा और ज्वालाजी सीटों पर प्रत्याशी चयन के मामले में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की रणनीति कारगर रही। उन्होंने टिकट के दावदारों रमेश धवाला और रविंद्र रवि को सीट बदलने के तैयार करने के साथ ही तय रणनीति के तहत हाईकमान से भी अपनी बात पर मुहर लगवा दी। इन दोनों सीटों पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बीच सियासी शीत युद्ध जैसी स्थिति बनी थी। सूत्रों के अनुसार संगठन का एक धड़ा रमेश धवाला और रविंद्र रवि के टिकट कटवाने के लिए प्रयासरत था। इसी के लिए पार्टी के भीतर हुई लॉबिंग के चलते ही दोनों बड़े नेताओं के बीच शीत युद्ध की स्थिति बन गई। संगठन के एक धड़े ने रमेश धवाला और रविंद्र रवि की जगह अन्य प्रत्याशियों को टिकट देने की पूरी योजना बना रखी थी।
रविंद्र रवि की जगह होशियार सिंह को टिकट दिलवाने की तैयारी थी। इसके लिए बाकायदा होशियार सिंह को पहले भाजपा में शामिल करवाया गया। भाजपा में प्रदेश संगठन महामंत्री के खिलाफ विरोध का झंडा उठाने के चलते रमेश धवाला का टिकट भी काटा जा रहा था। पार्टी के भीतर के इन्हीं समीकरणों को भांपकर अनुराग ठाकुर ने तय रणनीति के तहत कदम बढ़ाए। उन्होंने कुछ दिन पहले रमेश धवाला के घर पर डिनर डिप्लोमेसी की और देहरा, ज्वालाजी की सियासी गांठ खोल दी। अब होशियार सिंह को फिर से निर्दलीय चुनाव लड़ने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।
दोनों को दिलाया जीत का भरोसा
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर कुछ दिन पहले धवाला के घर पर आयोजित डिनर में रविंद्र रवि के साथ हिमाचल प्रभारी अविनाश राय खन्ना को भी ले गए थे। इसी दौरान उन्होंने जीत का भरोसा दिलाकर धवाला और रवि को एक दूसरे के साथ सीटें बदलने के लिए तैयार कराया। धवाला को कहा गया कि उनके लिए देहरा सीट ज्वालाजी से ज्यादा सुरक्षित है। जबकि, रविंद्र रवि को बताया गया कि कांग्रेस में जाने से बेहतर तो उनके लिए ज्वालाजी सीट है। वहां पर उनके पुराने विधानसभा क्षेत्र थुरल की कई पंचायतें आती हैं। जीत आसान हो जाएगी। दोनों नेता मान गए और दिल्ली में आला नेताओं से मिलाया गया और बात बन गई। दोनों नेताओं को अंदर खाते प्रचार में भी जुट जाने के लिए हरी झंडी दे दी गई थी।