फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal election 2022 polling officers check documents scan QR code of voters

Himachal Election: मतदान केंद्रों में क्यूआर कोड स्कैन कर जांचे दस्तावेज

Sun, 13 Nov 2022 12:04 PM IST
अरविन्द ठाकुर विपिन काला, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 13 Nov 2022 12:04 PM IST
सार

मतदान केंद्र में जैसे ही वोटर स्लिप के क्यूआर कोड को स्कैन किया जा रहा था तो संबंधित वोटर का फोटोयुक्त वोटर कार्ड मोबाइल में सामने आ रहा था।

विज्ञापन
himachal election 2022 polling officers check documents scan QR code of voters
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चुनाव ड्यूटी पर तैनात चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों ने पहली बार क्यूआर कोड स्कैन कर शिमला, मंडी, हमीरपुर और धर्मशाला में मतदान कराने से पहले मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच की। इन सभी शहरों में सभी वोटरों को क्यूआर कोड वाली वोटर स्लिप घर-घर जाकर जारी की थीं। राज्य चुनाव विभाग के अधिकारियों के अनुसार शिमला शहर में 91, मंडी में 111, हमीरपुर  94 और धर्मशाला के 89 मतदान केंद्रों में यह सुविधा उपलब्ध की गई थी।

विज्ञापन


मतदान केंद्र में जैसे ही वोटर स्लिप के क्यूआर कोड को स्कैन किया जा रहा था तो संबंधित वोटर का फोटोयुक्त वोटर कार्ड मोबाइल में सामने आ रहा था। इसके बाद वोटर को वोट डालने के लिए लिए जरूरी दस्तावेज की जांच की जाती रही। जैसे ही वोटर बटन दबा रहे थे तो वीवीपैट पर सात सेकेंड के लिए प्रत्याशी का चुनाव चिह्न डिस्प्ले हो रहा था, ताकि वोटर यह सुनिश्चित कर सके कि जिसे वोट डाला है, क्या वह वही प्रत्याशी है। इसके बाद वीवीपैट से निकली स्लिप मशीन के अंदर चली जाती है। इसके बाद यह जानकारी भी चुनाव आयोग के पास तुरंत मिल रही थी कि कितने वोट कब-कब कहां डाले गए।
विज्ञापन


पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में होती है वीवीपैट स्लिपों की जांच
निर्वाचन आयोग की ओर से तैनात चुनाव पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में वीवीपैट स्लिपों की जांच की जाती है। विधानसभा क्षेत्रों के पांच मतदान केंद्रों की वीवीपैट मशीनों से निकलने वाली स्लिपों की जांच की जाती है कि कहीं ईवीएम से कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी दलीप नेगी ने कहा कि वीवीपैट की ये पर्चियां कहीं एक ही पार्टी के प्रत्याशियों की तो नहीं निक ली हैं, यह देखा जाता है। ये मशीनें पर्यवेक्षक सभी मशीनों में से चुनकर जांचते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed