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Himachal Election: हिमाचल में चुनावी रणसिंघा बजा पीएम मोदी ने बताए डबल इंजन सरकार के फायदे
Thu, 06 Oct 2022 10:37 AM IST
Krishan Singh
सुरेश शांडिल्य, बिलासपुर
सुरेश शांडिल्य, बिलासपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 06 Oct 2022 10:37 AM IST
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पीएम मोदी ने बजाया रणसिंघा।
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संवाद
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयादशमी पर महर्षि ब्यास की तपोस्थली बिलासपुर के लुहणू मैदान में चुनावी रणसिंघा बजाकर हिमाचल की जनता को डबल इंजन सरकार के फायदे बताए। उन्होंने भाजपा को फिर जिताने की अपील कर तर्क दिया कि इससे विकास की राह में कोई अड़ंगा नहीं आएगा। इसके लिए उन्होंने कांग्रेस का नाम लिए बगैर पिछले कई उदाहरण पेश किए। मोदी ने हिमाचल में केंद्रीय योजनाओं को सफलता से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की पीठ थपथपाई। बेशक पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल इस चुनावी शंखनाद के अवसर पर उपस्थित न हो पाए हों, मगर मोदी ने दो बार मंच से उनका नाम लेकर सियासी संतुलन साधा।
कुल्लू दहशरा में शामिल होने से पहले बिलासपुर में मोदी ने कहा कि वह विजयादशमी पर हिमाचल के देवी-देवताओं का पूरे देश के लोगों के लिए आशीर्वाद मांगेंगे। प्रधानमंत्री ने बिलासपुरी बोली से भाषण की शुरुआत कर हिमाचल से अपना गहरा नाता जोड़ा। वह यह बताना भी नहीं भूले कि वह बिलासपुर की सड़कों पर पैदल चले हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा बिलासपुर के बेटे हैं। केंद्र से जो भी स्कीम आती है, उसे टीम जयराम फटाफट लागू कर देती है। उन्होंने इसके लिए एम्स का उदाहरण देते हुए कहा कि कोरोना महामारी के भीषण संकट में भी यहां एम्स का काम नहीं रुका, जबकि मैदानों में जिस काम को करने में एक घंटा लगता है, यहां उसी काम में एक दिन लग जाता है।
शिलान्यास भी हो और उद्घाटन भी हो, यह इसी सरकार में ही संभव है। उन्होंने इसके लिए पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहे जगत प्रकाश नड्डा के श्रम को भी याद दिलाया। नड्डा और धूमल के साथ बिलासपुर के बाजार में पैदल चलने और धूमल के शासनकाल में पिछली सरकारों के वक्त के लगे पत्थरों को गिनने की बात कर उन्होंने मंच से दो बार पूर्व सीएम को याद किया। इससे उन्होंने प्रदेश में भाजपा के धूमल खेमे से जुड़े नेताओं को भी राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया।
मोदी ने जयराम ठाकुर के नाम की सियासी लकीर को लंबा खींचते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने जो भी योजनाएं बनाई हैं, उन्हें जयराम सरकार ने पूरे जोर से जमीन पर पहुंचाया है। उन्होंने कांग्रेस का नाम लिए बगैर विपक्ष पर भी तंज कसे कि पहले यहां पर एक विश्वविद्यालय से गुजारा होता था। इलाज हो या मेडिकल की पढ़ाई हो। सब आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज पर ही निर्भर था। गंभीर बीमारियों का इलाज हो या शिक्षा हो या रोजगार, तो चंडीगढ़ और दिल्ली जाना देश की मजबूरी बन गया था। पहले सरकारें शिलान्यास का पत्थर लगाती थीं। चुनाव निकल जाने के बाद भूल जाती थीं। उन्होंने महिलाओं, युवाओं, पूर्व सैनिकों समेत तमाम वर्गों को दिए लाभ गिनाए।
जयराम को लोकप्रिय मुख्यमंत्री, नड्डा को मार्गदर्शक और अनुराग को सहयोगी कहकर पुकारा मोदी ने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन के शुरू में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को लोकप्रिय, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को सबके मार्गदर्शक और इसी धरती की संतान तथा अनुराग ठाकुर को केंद्रीय मंत्रिमंडल में सहयोगी कहकर संबोधित किया।
क्या है रणसिंघा
रणसिंघा एक पारंपरिक वाद्य यंत्र है। यह चांदी, तांबा, पीतल आदि अलग-अलग धातुओं से बनाया जाता है। इसे हिरण के सींग के आकार का बनाया जाता है। कुल्लू में इसे नरसिंघा भी कहते हैं। इसे हर समुदाय के लोग बजाते हैं। नरसिंघा को पुराने समय में विरोधी सेना को युद्ध के लिए ललकारते हुए बजाया जाता था। कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर, सिरमौर आदि जिलों में इसे देवी-देवताओं के कार्यक्रम में विशेष रूप से बजाया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी को इस वाद्य यंत्र को 24 सितंबर की मंडी रैली में भी भेंट किए जाने की योजना थी, मगर बारिश के कारण यह रैली नहीं हो पाई थी। इसके बाद इसे बिलासपुर में बुधवार को आयोजित आभार समारोह में भेंट किया गया। मंच पर मोदी को रणसिंघा भेंट किया गया तो उन्होंने इसे मंच पर ही बजाने का प्रयास किया। मोदी को सीएम जयराम ठाकुर ने नयना देवी माता का एक चित्र भी भेंट किया। इसके अलावा शॉल और टोपी से भी उनका स्वागत किया गया।