किन्नौर: मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार बोले- देश के प्रथम मतदाता को शत प्रतिशत मतदान कर दें श्रद्धांजलि
नेगी के निधन की सूचना मिलते ही मुख्य चुनाव आयुक्त भारत सरकार राजीव कुमार तुरंत अपने दल के साथ किन्नौर की ओर रवाना हो गए। हेलिकाप्टर के माध्यम से राजीव कुमार दोपहर बाद साढ़े चार बजे रिकांगपिओ पहुंचे और यहां से सड़क मार्ग से श्याम सरण नेगी के घर कल्पा पहुंचे।
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मुख्य चुनाव आयुक्त भारत सरकार राजीव कुमार ने प्रदेश की जनता से आग्रह किया कि शत प्रतिशत मतदान कर देश के प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी को सच्ची श्रद्धांजलि दें। नेगी के निधन की सूचना मिलते ही मुख्य चुनाव आयुक्त भारत सरकार राजीव कुमार तुरंत अपने दल के साथ किन्नौर की ओर रवाना हो गए। हेलिकाप्टर के माध्यम से राजीव कुमार दोपहर बाद साढ़े चार बजे रिकांगपिओ पहुंचे और यहां से सड़क मार्ग से श्याम सरण नेगी के घर कल्पा पहुंचे। यहां उन्होंने श्याम सरण नेगी की तस्वीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने श्याम सरण नेगी के परिजनों को सांत्वना दी और दुख की इस घड़ी में धैर्य रखने की बात कही। इस दौरान प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव आरडी धीमान, मुख्य चुनाव अधिकारी हिमाचल प्रदेश मनीष गर्ग, उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक और एसपी विवेक चहल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
सभी मतदाताओं के लिए प्रेरणास्रोत थे नेगी : मनीष गर्ग
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने स्वतंत्र भारत के प्रथम मतदाता तथा चुनाव आइकन श्याम सरण नेगी (105) के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। मनीष गर्ग ने अपने शोक संदेश में कहा कि श्याम सरण नेगी ने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद वर्ष 1951 में देश का सबसे पहला वोट डाला और इसके बाद हुए सभी चुनावों में भाग लिया। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में नेगी का योगदान अविस्मरणीय है। नेगी ने अपने लंबे जीवन में चुनावी प्रक्रिया में बैलेट पेपर से लेकर ईवीएम तक का बदलाव देखा। वे हमेशा की तरह इस बार भी मतदान केंद्र पर जाकर अपना मत डालना चाहते थे, लेकिन अस्वस्थता के कारण उन्होंने 2 नवंबर को डाक मतपत्र के माध्यम से अपना वोट डाला। नेगी देश के मतदाताओं के लिए प्रेरणास्रोत थे, जिन्होंने सदैव लोगों को मत के इस्तेमाल का महत्व बताया और उन्हें मतदान के लिए प्रेरित किया। वह एक नेक इंसान थे और लोकतंत्र में उनकी गहरी आस्था थी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नेगी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
वर्ष 2014 में नेगी को चुनाव आयोग ने बनाया था ब्रांड एंबेसडर
ला। देश के पहले मतदाता श्याम सरण नेगी को चुनाव आयोग ने वर्ष 2014 में ब्रांड एंबेसडर बनाया था। आयोग हर चुनाव में मतदान के दिन बूथ पर रेड कारपेट बिछाकर उनको पूरा मान-सम्मान देता रहा है। ज्यादा बुजुर्ग होने पर आयोग विशेष वाहन से उनको घर से बूथ तक लाता था। फूलों की बारिश से उनका स्वागत किया जाता। मतदान के बाद वाहन से घर छोड़ा जाता था। पूरा प्रशासनिक अमला उनके साथ रहता था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग कहते हैं कि देश के पहले वोटर और चुनाव आयोग के ब्रांड एंबेसडर श्याम सरण नेगी ने 25 अक्तूबर, 1951 में सबसेे पहले वोट देकर यह गौरव हासिल किया था।
नेगी के निधन पर नहीं पहुंचा कोई भी बड़ा नेता
श्याम सरण नेगी के निधन से पूरे किन्नौर जिले में मातम का माहौल बना हुआ था, लेकिन उनके दाह संस्कार पर किसी भी पार्टी का कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार में व्यस्त होने के चलते किसी भी नेता को देश के प्रथम मतदाता की याद नहीं आई।
वहीं, नेगी के पार्थिव शव को उनके घर से 16 किलोमीटर दूर शौंगठोंग तक ले जाते समय रास्ते में किन्नौर जिले के विभिन्न गांवों से लोग उनके अंतिम दर्शन करने के लिए श्मशानघाट तक पहुंचे और उन्हें अंतिम विदाई दी। एक जनवरी 2015 में श्याम चरण नेगी की पत्नी का निधन हुआ था। नेगी सबसे छोटा बेटे चंद्र प्रकाश के साथ रहते थे।