शिक्षा विभाग ने घर भेजे 24 कॉलेज और स्कूलों के प्रिंसिपल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैबिनेट के फैसले को अमलीजामा पहनाते हुए शिक्षा विभाग ने 24 पुनर्नियुक्तियां और सेवा विस्तार रद्द कर दिए हैं। रद्द की गई इन नियुक्तियों के तहत कॉलेज और स्कूलों के प्रिंसिपल सहित लेक्चरर, शिक्षक, अधीक्षक, क्लर्क और चपरासी की सरकारी सेवाओं से छुट्टी कर दी गई है।
शिक्षा विभाग के मुताबिक एक कॉलेज प्रिंसिपल, तीन कॉलेज कैडर के असिस्टेंट प्रोफेसर, एक स्कूल प्रिंसिपल, एक स्कूल लेक्चरर, दो डीपीई, एक अधीक्षक ग्रेड टू, एक क्लर्क और दो चपरासियों का सेवा विस्तार रद्द किया गया है।
इसके अलावा शिक्षक सम्मान योजना के तहत सेवा विस्तार प्राप्त करने वाले 12 स्कूल शिक्षकों की भी विभाग ने छुट्टी कर दी है। उधर, सरकार के पुनर्नियुक्तियां और सेवा विस्तार रद्द करने के आदेशों के चलते कई अन्य विभागों में भी दर्जनों अफसरों और कर्मियों को सरकारी सेवाओं से भार मुक्त कर दिया गया है।
बिजली बोर्ड के नए एमडी के लिए लॉबिंग शुरू
राजस्व विभाग में सरकार के इस फैसले के चलते काम सबसे अधिक प्रभावित होने की संभावना है। प्रदेश में पटवारियों के खाली पड़े 500 से अधिक पदों पर फौरी व्यवस्था करने के लिए कांग्रेस सरकार ने सेवानिवृत्त पटवारियों को अनुबंध पर तैनात किया था। अब इन पटवारियों की छुट्टी होने से प्रदेश के करीब 400 पटवार सर्किलों में स्टाफ की कमी होगी।
भाजपा सरकार की ओर से लिए गए सेवा विस्तार को रद्द करने के फैसले की गाज बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक पीसी नेगी पर भी गिर गई है। पीसी नेगी को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दो बार सेवा विस्तार दिया गया था।
जयराम सरकार की पहली ही कैबिनेट का फैसला आने के बाद पीसी नेगी ने अपना पदभार छोड़ दिया। अब बोर्ड के प्रबंध निदेशक पद के लिए नए सिरे से लॉबिंग शुरू हो गई है। ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के एमडी जेपी काल्टा इस पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। निदेशक ऑपरेशन आरके शर्मा भी एमडी पद के लिए जुगत भिड़ा रहे हैं।