फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal court takes cognisance of budget for different projects.

फंसी सरकार, हाईकोर्ट ने पांच सालों का पूरा रिकॉर्ड मांगा

Mon, 22 Jun 2015 11:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 22 Jun 2015 11:13 PM IST
विज्ञापन
Himachal court takes cognisance of budget for different projects.

हिमाचल हाईकोर्ट ने सत्ता परिवर्तन के बाद विभिन्न विकास कार्यों की योजनाओं के धड़ाधड़ हो रहे शिलान्यास और पहले से रुके प्रोजेक्टों पर कड़ा संज्ञान लिया है। इस पर प्रदेश सरकार से पिछले पांच वर्षों की रिपोर्ट तलब की है।

विज्ञापन


न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश पीएस राणा की खंडपीठ ने प्रदेश के मुख्य सचिव को आदेश दिए कि वह शपथ पत्र के माध्यम से बताएं कि पिछले पांच वर्षों में कितनी स्कीमों के लिए कितनी कितनी धनराशि स्वीकृत की गई है।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि ऐसी कितनी योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, जिसके लिए बजट का प्रावधान रखा गया है। ऐसी कितनी योजनाएं हैं जिनका निर्माण कार्य शिलान्यास के बाद शुरू नहीं हुआ है। कितने प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिनका निर्माण कार्य अधूरा छोड़ा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन पर कितना पैसा खर्च हुआ है। अदालत ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि राज्य सरकार राजनीतिक लोगों के लिए इस तरह के निर्णय लेती है, जिसका कोई आधार नहीं होता है। अदालत ने असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल अशोक शर्मा को मामले की पैरवी करने के लिए नियुक्त किया है।


विधानसभा में भी उठ चुका है मामला-
सरकार की ओर से किए जा रहे ताबड़तोड़ शिलान्यास का मसला भाजपा की ओर से विधानसभा में भी उठाया जा चुका है। विपक्ष की ओर से बार-बार यह आरोप लगाया जाता है कि विधायक निधि से बनी योजनाओं का भी कोई और शिलान्यास और उद्घाटन कर रहा है। भाजपा का यह भी आरोप है कि उनके कार्यकाल की योजनाओं को डंप कर दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed