कोरोना: हिमाचल में एक और संक्रमित की मौत, 76 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव, सक्रिय केस घटे
प्रदेश में कोरोना मृतकों का आंकड़ा 3833 पहुंच गया है। अब तक कोरोना के 227354 मामले आ चुके हैं। इनमें से 222669 ठीक हो चुके हैं। कोरोना सक्रिय मामले घटकर 835 रह गए हैं। बुधवार को सक्रिय केस 864 थे। बीते 24 घंटों के दौरान 113 मरीज ठीक हुए हैं और कोरोना की जांच के लिए 5430 लोगों के सैंपल लिए गए।
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हिमाचल प्रदेश में गुरुवार को एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत हो गई। शिमला में 80 वर्षीय संक्रमित महिला ने दम तोड़ दिया। वहीं, प्रदेश में 76 लोगों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। प्रदेश में कोरोना मृतकों का आंकड़ा 3833 पहुंच गया है। अब तक कोरोना के 227354 मामले आ चुके हैं। इनमें से 222669 ठीक हो चुके हैं। कोरोना सक्रिय मामले घटकर 835 रह गए हैं। इसमें से बिलासपुर जिले में 28, चंबा 15, हमीरपुर 104, कांगड़ा 250, किन्नौर दो, कुल्लू छह, लाहौल-स्पीति शून्य, मंडी 85, शिमला 174, सिरमौर एक, सोलन 59 और ऊना में 114 सक्रिय मामले हैं। बुधवार को सक्रिय केस 864 थे। बीते 24 घंटों के दौरान 113 मरीज ठीक हुए हैं और कोरोना की जांच के लिए 5430 लोगों के सैंपल लिए गए।
आईजीएमसी के तीन हजार कर्मियों को लगेंगे हेपेटाइटिस-बी के टीके
वहीं, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में सभी कर्मचारियों को हैपेटाइटिस बी के टीके लगाए जाएंगे। गुरुवार को अस्पताल की संक्रमण नियंत्रण कमेटी (इन्फेक्शन कंट्रोल कमेटी) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। आईजीएमसी में करीब तीन हजार कर्मचारी हैं। आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल के सभी कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (आईजीएमसी) में ड्यूटी के दौरान कई बार मरीजों को इस्तेमाल किए इंजेक्शन चुभ जाते हैं। हेपेटाइटिस बी संक्रमित मरीजों से यह संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। ऐसे में टीकाकरण कर इस बीमारी से अस्पताल के कर्मचारियों को बचाया जा सकेगा। कॉलेज प्राचार्य ने बताया कि वैक्सीनेशन होने के बाद कर्मचारियों के एंटी बॉडी टेस्ट करवाए जाएंगे। इससे यह पता चल सकेगा कि उनके अंदर एंटीबॉडी बन गई है या नहीं। इसके अलावा बैठक में मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिलीप गुप्ता की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया। यह कमेटी अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की दवाइयों को लेकर कार्य करेगी।
खाना बनाने वालों का होगा नियमित चेकअप
अस्पतालों में मरीजों के लिए खाना परोसने और बनाने वालों का नियमित तौर पर चेकअप होगा। अस्पताल में तैनात किए जाने वाले इंटर्न पीजी और अन्य स्टाफ को बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण संबंधी ट्रेनिंग दी जाएगी। अस्पताल में लिक्वड वेस्ट मैनेजमेंट प्रणाली विकसित की जाएगी। इसमें विभिन्न प्रकार के ब्लड और यूरिन सैंपल जांच के बाद नष्ट करने के लिए पहले स्टेरलाइज किए जाएंगे।