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हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- एम्स के विस्तार में सहयोग देगी सरकार, मेडिकल कॉलेजों में पीजी, एसआरशिप
Wed, 12 Aug 2026 07:09 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 12 Aug 2026 07:09 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार एम्स बिलासपुर के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग देगी। एम्स दिल्ली में जिस तरह अत्याधुनिक मेडिकल तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, उसी दिशा में हिमाचल को भी आगे बढ़ाना प्राथमिकता है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एम्स में अधिकारियों के साथ की बैठक।
- फोटो : संवाद
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को एम्स बिलासपुर का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल तकनीक और संस्थान के विस्तार को लेकर चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की। वार्डों का निरीक्षण कर मरीजों का कुशलक्षेम भी जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार एम्स बिलासपुर के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग देगी। एम्स दिल्ली में जिस तरह अत्याधुनिक मेडिकल तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, उसी दिशा में हिमाचल को भी आगे बढ़ाना प्राथमिकता है।
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मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में नई तकनीक, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है। कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेशवासियों को बेहतर और विश्वस्तरीय उपचार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की कमी बड़ी चुनौती है। सरकार मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करने के साथ पीजी कक्षाएं और उसके बाद एसआरशिप शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए नियुक्तियां की जाएंगी। सुपर स्पेशलिस्ट कर हिमाचल लौटने वाले डॉक्टरों के लिए वॉक-इन इंटरव्यू करवाकर उन्हें नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पीजी मेडिकल सीटों में 330 सीटों की वृद्धि का लक्ष्य रखा है। आईजीएमसी और टांडा में रेडियोलॉजी सहित अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों की सीटें बढ़ाई गई हैं। वर्ष 2028 में 50 सीटों वाला बैच तैयार होने के बाद रेडियोग्राफर सहित अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी। कुछ नियुक्तियां अभी होनी हैं और दिसंबर तक पैरामेडिकल स्टाफ की अधिकांश नियुक्तियां पूरी करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जीन थेरेपी और फोटोथेरेपी के क्षेत्र में भी काम शुरू किया गया है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए हमीरपुर में नॉर्थ इंडिया का रिसर्च सेंटर स्थापित किया जा रहा है। रीनल डिजीज के लिए आईजीएमसी में अलग रिसर्च विंग स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इस अवसर पर एम्स के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. दलजीत सिंह मौजूद रहे।
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