कैबिनेट में लगेगी धूमल के खिलाफ अभियोजन मंजूरी की वापसी पर मुहर
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हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ दर्ज मामले में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ दी अभियोजन मंजूरी जयराम सरकार वापस ले रही है। 16 अप्रैल को कैबिनेट बैठक में केस वापसी पर मुहर लगेगी। इसके बाद राजभवन से मंजूरी ली जाएगी। इस बीच, धूमल ने जयराम सरकार को पत्र लिखा है कि पूर्व सरकार ने राजनीति से प्रेरित होकर उनके खिलाफ झूठा केस बनाया है, जिसे वापस लिया जाना चाहिए।
एचपीसीए विवाद में दो आईएएस अफसरों के खिलाफ अभियोजना मंजूरी वापस लेने के बाद अब सरकार पूर्व सीएम के खिलाफ विजिलेंस जांच को दी अभियोजना मंजूरी वापस लेगी। इस मामले में एक आईएएस अफसर के खिलाफ वीरभद्र सरकार अभियोजन मंजूरी वापस ले चुकी है। उसी आधार पर दो आईएएस अफसरों को जयराम सरकार ने राहत दी।
विधि विभाग से परामर्श लेने के बाद अब धूमल को भी राहत देने की तैयारी है। उनकी ओर से आए पत्र के बाद यह तय है कि मामले को कैबिनेट में लेकर उनके खिलाफ अभियोजन मंजूरी भी वापस होगी। कैबिनेट की मुहर के बाद केस वापसी में सिर्फ राजभवन की मंजूरी की औपचारिकता रह जाएगी। माना जा रहा है कि एचपीसीए के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में विचारधीन केस वापस लेने की दिशा में यह कदम है।
लटकी जलविद्युत परियोजनाओं पर होगा निर्णय
कैबिनेट बैठक में सरकार लंबे समय से लटकी 960 मैगावाट की जंगी थोपन जलविद्युत परियोजना सहित कुछ अन्य परियोजनाओं को नए सिरे से आवंटन करने पर मुहर लगा सकती है।
जंगी थोपन परियोजना को एक अन्य कंपनी को स्वीकृत किया था, जिसमें अदानी ग्रुप की ढाई सौ करोड़ रुपये की अपफ्रंट मनी प्रदेश सरकार के पास है। इसके अलावा लटकी हुई अन्य कुछ योजनाओं की अपफ्रंट मनी भी सरकार के पास है, जिसे वापसी पर पेच फंसा है।