कैबिनेट के फैसले: हिमाचल में हजारों कर्मचारी होंगे नियमित, कोविड के बीच सरकार ने दी सौगात
आठ साल की सेवाएं 31 मार्च 2021 को पूरा कर चुके या 30 सितंबर को पूरा करने वाले अंशकालिक कर्मचारियों को दिहाड़ीदार बनाया जाएगा। वहीं पांच साल की सेवाएं 31 मार्च या 30 सितंबर को पूरा करने पर दिहाड़ीदार और कंटींजेंट कामगारों को विभिन्न विभागों में उपलब्ध सीटों पर नियमित किया जाएगा।
विस्तार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित की गई हिमाचल कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। जयराम मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के हजारों अनुबंध कर्मियों, दैनिक/कंटींजेंट और अंशकालिक कार्यकर्ताओं को सौगात दी गई है। बैठक में विभिन्न विभागों में कार्यरत उन अनुबंध कर्मचारियों के सेवाकाल को नियमित करने का निर्णय लिया गया, जिन्होंने 31 मार्च 2021 को तीन वर्ष का सेवाकाल पूरा किया है या जिनका सेवाकाल 30 सितंबर 2021 को पूरा होने जा रहा है।
इसी तरह मंत्रिमंडल ने उन दैनिक/कंटींजेंट कार्यकर्ताओं की सेवाएं नियमित करने का निर्णय लिया जो 31 मार्च को अपनी सेवाओं के पांच साल पूरा कर चुके हैं या फिर 30 सितंबर को पूरा करने वाले हैं। इसके साथ ही इन्हें विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों पर नियमित करने का भी फैसला लिया गया है। मंत्रिमंडल ने उन अंशकालिक कार्यकर्ताओं की सेवाओं को विभिन्न विभागों में दैनिक वेतन भोगी के रूप में परिवर्तित करने का भी निर्णय लिया, जिन्होंने 31 मार्च 2021 को 8 वर्ष का निरंतर सेवाकाल पूरा कर लिया है अथवा 30 सितंबर 2021 को पूरा करने जा रहे हैं।
कई पदों को भरने की मंजूरी
मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के बालीचैकी में राज्य सेरी उद्ययमिता विकास नवाचार केंद्र में तकनीकी और मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के 19 पद भरने का निर्णय भी लिया। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग में सीधी भर्ती के माध्यम से खंड विकास अधिकारी के दो पद भरने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने विभिन्न श्रेणी के 26 पद सृजित करने के साथ मंडी जिले की धर्मपुर तहसील के अंतर्गत बरोटी में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने को संस्तुति प्रदान की है।
सीएम, मंत्रियों ने किया अंशदान, विधायकों से की जाएगी बात
कर्मचारियों के एक से दो दिन के वेतन कटौती के आदेश के बाद दबाव में आई सरकार ने घोषणा की थी कि सभी मंत्री व मुख्यमंत्री एक महीने का वेतन कोविड फंड में देंगे। जबकि विधायकों का दो दिन का वेतन काटा जाएगा। लेकिन वीरवार को कैबिनेट बैठक के बाद शहरी विकास मंत्री व कैबिनेट के प्रवक्ता सुरेश भारद्वाज ने बताया कि मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री कोविड फंड के लिए अपने एक माह के वेतन का अंशदान किया। सभी चेक मुख्य सचिव अनिल खाची को भेंट किए गए। इसके अलावा विधायकों के सहयोग के लिए उनसे बात की जाएगी।
18 से 44 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों को निशुल्क कोरोना टीका
हिमाचल प्रदेश में एक मई से 18 साल से ऊपर आयु वर्ग के लोगों को कोरोना वैक्सीन मुफ्त लगाई जाएगी। कर्फ्यू लगाना है या धारा 144, इसके बारे में सरकार से परामर्श कर जिलों के उपायुक्त खुद निर्णय लेंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश में कंपनियां जो कोरोना वैक्सीन बना रही हैं, उनसे अभी 50 फीसदी की खरीद सरकार करेगी, जबकि 50 फीसदी निजी सेक्टर खरीदेगा। यह फैसले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में गुरुवार को शिमला में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में लिए गए। कैबिनेट में फैसला लिया गया कि होम आइसोलेट कोरोना मरीजों को सरकार की ओर से न्यूट्रिशन किट पहुंचाई जाएगी।
कोविड-19 महामारी के दौरान सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रति शिफ्ट 200 रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की कैबिनेट ने घोषणा की। बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की गई। इसमें निर्णय लिया गया कि प्रदेश सरकार के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी टीकाकरण के लिए आगे आएंगे और जहां तक संभव हो, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड का टीका लगवाएंगे। होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड-19 रोगियों को बेहतर उपचार सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से खंड स्तर पर मोबाइल टीमें गठित करने का निर्णय लिया गया है। गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में स्थानांतरित करने के लिए एक वाहन विशेष रूप से उपलब्ध करवाया जाएगा। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 मामलों की निगरानी के लिए वरिष्ठ चिकित्सक की अगुवाई में एक समर्पित टीम तैनात की जाएगी।
हिमाचल में आने वाले 20 दिन अति सवेंदनशील
हिमाचल के लोगों के लिए आने वाले 20 दिन अति सवेंदनशील है। इन्हीं दिनों में तय होगा कि मामले घटेंगे या फिर स्थिति खराब होगी। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने गुरुवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश में कोरोना की स्थिति पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना से निपटने के पुख्ता इंतजाम हैं। कोरोना मरीजों के उपचार के लिए वरिष्ठ डॉक्टर तैनात किए गए हैं। घरों में आइसोलेट मरीजों की निगरानी की जा रही है। 70 फीसदी स्टाफ फील्ड में तैनात है। अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या काफी है। अस्पतालों में 900 के करीब मरीज उपचाराधीन है। हिमाचल में कोरोना से मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है।
प्रदेश में ज्यादा उन लोगों की मौत हो रही है जो कैंसर, किडनी, दिल जैसी अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल में 70 से 80 फीसदी ऐसे कोरोना मरीज हैं जिनमें लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। लेकिन वह अन्य लोगों को संक्रमित करते हैं। 20 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं जोकि हल्के लक्ष्ण वाले हैं। इसमें लोगों को बुखार, जुखाम, शरीर में दर्द है। यह भी घरों में आइसोलेट है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऊना, हमीरपुर, शिमला, सोलन और मंडी के कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। हिमाचल में तीन हजार बिस्तर कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित है। जरूरत पड़ने पर बिस्तरों की क्षमता को बढ़ाया जाएगा।