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HP Cabinet Decisions: 2,061 पदों पर वन मित्र भर्ती प्रक्रिया, विभागों में भरे जाएंगे 184 पद, पढ़ें सभी फैसले
Tue, 22 Oct 2024 09:51 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 22 Oct 2024 09:51 PM IST
सार
प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं।
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हिमाचल मंत्रिमंडल बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वन मित्र भर्ती में अब 10 अंकों का साक्षात्कार नहीं होगा। मंगलवार को हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस शर्त को हटा दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया। कैबिनेट के इस निर्णय के बाद अब जल्द वन मित्रों के 2,061 पद भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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कैबिनेट बैठक में डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल हमीरपुर में 150 नर्सिंग कर्मियों के पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपैडिक्स, एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजी विभागों में एसोसिएट प्रोफेसर के छह पद व असिस्टेंट प्रोफेसर के 10 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया। बैठक में वन मित्रों के 10 अंकों के साक्षात्कार को खत्म करने पर चर्चा की गई। यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा था और हाईकोर्ट ने साक्षात्कार पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। फॉरेस्ट गार्ड के साथ वन मित्र भी वनों की रक्षा करेंगे। हर वन बीट में एक-एक वन मित्र तैनात होगा। जिस बीट में वन मित्र की भर्ती होनी है, उसके लिए उसी क्षेत्र के युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी। कैबिनेट ने एचआरटीसी को 60 करोड़ की कैश क्रेडिट लिमिट को भी स्वीकृति दी है। हर साल सरकार इस मद में निगम को वित्तीय मदद देती है। कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग में 75 वर्क इंस्पेक्टर (टेक्निकल असिस्टेंट) के पद भरने को मंजूरी दी है। इससे पहले भी 25 पद भरने को मंजूरी दी थी। इसके लिए सरकार ने तीन साल का सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा होना अनिवार्य किया है।
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नादौन में खुलेगा उपमंडल पुलिस अधिकारी कार्यालय, इंदौरा में अग्निशमन चौकी, शिंकुला में पुलिस चौकी
कैबिनेट ने नादौन में उपमंडल पुलिस अधिकारी कार्यालय खोलने के साथ-साथ विभिन्न श्रेणियों में पांच पद सृजित कर भरने को स्वीकृति दी। इसके अलावा कांगड़ा जिला के इंदौरा में अग्निशमन चौकी खोलने को मंजूरी दी। इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 13 पद सृजित कर भरने को भी स्वीकृति दी। वहीं, लाहौल-स्पीति जिला के केलांग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत शिंकुला में पुलिस चौकी खोलने और इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के छह पद भरने को भी मंजूरी दी।
कैबिनेट ने नादौन में उपमंडल पुलिस अधिकारी कार्यालय खोलने के साथ-साथ विभिन्न श्रेणियों में पांच पद सृजित कर भरने को स्वीकृति दी। इसके अलावा कांगड़ा जिला के इंदौरा में अग्निशमन चौकी खोलने को मंजूरी दी। इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 13 पद सृजित कर भरने को भी स्वीकृति दी। वहीं, लाहौल-स्पीति जिला के केलांग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत शिंकुला में पुलिस चौकी खोलने और इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के छह पद भरने को भी मंजूरी दी।
एसडीआरएफ का प्रशासनिक नियंत्रण अतिरिक्त महानिदेशक होमगार्ड को, गृहरक्षकों की होगी प्रतिनियुक्ति
कैबिनेट ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) का प्रशासनिक नियंत्रण अतिरिक्त महानिदेशक होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया, जिससे आपदा और आपातकालीन स्थितियों के दौरान एसडीआरएफ और प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम होगा। इसके अतिरिक्त एसडीआरएफ के सुचारु संचालन के लिए अधिकतम दो वर्षों की अवधि के लिए गृहरक्षकों की प्रतिनियुक्ति को भी मंजूरी दी।
कैबिनेट ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) का प्रशासनिक नियंत्रण अतिरिक्त महानिदेशक होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया, जिससे आपदा और आपातकालीन स्थितियों के दौरान एसडीआरएफ और प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम होगा। इसके अतिरिक्त एसडीआरएफ के सुचारु संचालन के लिए अधिकतम दो वर्षों की अवधि के लिए गृहरक्षकों की प्रतिनियुक्ति को भी मंजूरी दी।
450 मेगावाट की शोंगटोंग कड़छम विद्युत परियोजना के लिए मंत्रिमंडल उपसमिति की सिफारिशें मंजूर
कैबिनेट बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में 450 मेगावाट की शोंगटोंग कड़छम विद्युत परियोजना के लिए मंत्रिमंडल उपसमिति की सिफारिशों को स्वीकृति दी। इसमें कंपनी को वित्त वर्ष 2026-27 तक परियोजना को पूरा करना सुनिश्चित करने के निर्देश शामिल हैं। परियोजना के पूरा होने के बाद इससे बिजली उत्पादन से 1,000 करोड़ रुपये का सालाना राजस्व प्राप्त होगा।
कैबिनेट बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में 450 मेगावाट की शोंगटोंग कड़छम विद्युत परियोजना के लिए मंत्रिमंडल उपसमिति की सिफारिशों को स्वीकृति दी। इसमें कंपनी को वित्त वर्ष 2026-27 तक परियोजना को पूरा करना सुनिश्चित करने के निर्देश शामिल हैं। परियोजना के पूरा होने के बाद इससे बिजली उत्पादन से 1,000 करोड़ रुपये का सालाना राजस्व प्राप्त होगा।
शिमला शहर में पीपीपी मॉडल के तहत संचालित पार्किंग सुविधाओं के लिए मंत्रिमंडल उपसमिति को मंजूरी
शिमला शहर में पीपीपी मॉडल के अंतर्गत संचालित पार्किंग सुविधाओं के संचालन की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल उपसमिति के गठन को मंजूरी दी। समिति की अध्यक्षता राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी करेंगे। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह और नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी इस समिति के सदस्य होंगे। शिमला के विधायक हरीश जनारथा विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में कार्य करेंगे। यह समिति लिफ्ट पार्किंग, छोटा शिमला पार्किंग, संजौली पार्किंग, न्यू बस स्टैंड पार्किंग और टुटीकंडी पार्किंग की समीक्षा करेगी।
होमगार्ड के अधीन होंगे एसडीआरएफ के 359 जवान
हिमाचल में एसडीआरएफ की तीनों बटालियनें अब होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा के अधीन होगी। पहले यह बटालियन पुलिस विभाग के आदेशानुसार काम करती थी। मंत्रिमंडल ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) का प्रशासनिक नियंत्रण अतिरिक्त महानिदेशक (होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा) को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि होमगार्ड, अग्निशमन और एसडीआरएफ का काम एक जैसा रहता है। आपदा, आगजनी घटना और आपातकालीन स्थितियों के दौरान इनकी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में एसडीआरएफ को भी होमगार्ड के अधीन किया है। इन तीन बटालियनों में 359 एसडीआरएफ के जवान हैं। इससे पहले यह एडीजीपी के अधीन होते थे। ऐसा किया जाने से आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों के दौरान एसडीआरएफ और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम होगा। इसके अतिरिक्त एसडीआरएफ का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकतम दो वर्षों की अवधि के लिए होमगार्ड की प्रतिनियुक्ति को भी मंजूरी दी।
हिमाचल में एसडीआरएफ की तीनों बटालियनें अब होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा के अधीन होगी। पहले यह बटालियन पुलिस विभाग के आदेशानुसार काम करती थी। मंत्रिमंडल ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) का प्रशासनिक नियंत्रण अतिरिक्त महानिदेशक (होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा) को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि होमगार्ड, अग्निशमन और एसडीआरएफ का काम एक जैसा रहता है। आपदा, आगजनी घटना और आपातकालीन स्थितियों के दौरान इनकी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में एसडीआरएफ को भी होमगार्ड के अधीन किया है। इन तीन बटालियनों में 359 एसडीआरएफ के जवान हैं। इससे पहले यह एडीजीपी के अधीन होते थे। ऐसा किया जाने से आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों के दौरान एसडीआरएफ और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम होगा। इसके अतिरिक्त एसडीआरएफ का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकतम दो वर्षों की अवधि के लिए होमगार्ड की प्रतिनियुक्ति को भी मंजूरी दी।